ब्यूरो/ऋषिकेश। चारधाम यात्रा बीटीसी-दून एप्रोच रोड पर चंद्रभागा नदी किनारे स्थित वन भूमि पर विभाग व स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से एक के बाद एक दर्जनों अवैैध खोखे लगाकर अतिक्रमण कर लिया गया है। सरकारी भूमि पर कब्जों को रोकने व खोखे हटाने में जिम्मेदार महकमे उक्त भूमि पर अपना अधिकार होने से ही बचते फिर रहे हैं। लिहाजा अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। अब इसके समीप खाली पड़ी वन भूमि पर भी कब्जा होने लगा है। महज कुछ समय में ही यहां दर्जनों खोखे लगाकर वनभूमि को पाट दिया गया है।
उधर, पर्यटन विभाग का तर्क है कि वन भूमि विभाग के नाम हस्तांतरित हो चुकी है, मगर वन भूमि पर पेड़ों को हटाने और अतिक्रमण से मुक्त कर सुपुर्द करने की जिम्मेदारी वन विभाग की है। दोनों में से कोई भी विभाग सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त करने की बजाए इस तरह से एक- दूसरे के पाले में गेंद सरका रहे हैं।
मामला संज्ञान मेें नहीं है। उक्त भूमि वन विभाग के अधीन है। विभागीय अधिकारियों को अवैध खोखों को हटाकर अतिक्रमणमुक्त करने के निर्देश दिए जाएंगे। जल्द उक्त भूमि अतिक्रमण से मुक्त कराई जाएगी।
- हर गिरि, उपजिलाधिकारी ऋषिकेश।
वन विभाग की ओर से उक्त भूूमि पर्यटन विभाग को सौंपी जा चुुकी है। उक्त भूमि पर 232 पेड़ हैं। पेड़ों के चिह्नीकरण के बाद कटान का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। अवैध खोखों को हटाने की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग की बनती है।
- आरपीएस नेगी, रेंज अधिकारी वन विभाग ऋषिकेश।
बीटीसी-दून एप्रोच रोड पर नदी के किनारे स्थित वन भूमि पर्यटन विभाग को ट्रांसफर हो चुकी है, लेकिन उक्त भूमि से पेड़ काटने व अवैध कब्जे हटाने की जिम्मेदारी वन विभाग की है।
- किशन सिंह रावत, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी देहरादून।