कर्णप्रयाग। विकासखंड में बीमारी से बकरियों की मौत थम नहीं रही है। हालांकि विभाग के अधिकारी अब गोटपॉक्स (चेचक) से बकरियों के मरने की बात कह रहे हैं, लेकिन बकरीपालकों की मानें तो बकरियों पर दवा भी असर नहीं कर रही है।
ब्लाक के चमाली गांव के बकरीपालक राजेंद्र सिंह ने बताया कि उसकी 35 से अधिक बकरियां बीमार हैं। बकरियों की खाल उतर रही है और तीन-चार दिन के बुखार के बाद बकरी की मौत हो रही है। राजेंद्र सिंह ने बताया कि करीब दस से अधिक बकरियों की मौत हो चुकी है। इससे पहले ब्लाक के मोली गांव में भी तीन बकरीपालकों की 69 से अधिक बकरियां इस बीमारी से मर चुकी है। जिले के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. लोकेश कुमार ने बताया कि बकरियों में गोटपॉक्स बीमारी के लक्षण हैं, जिससे खाल उतरने के साथ बकरियों को बुखार और फेफड़ों में पानी भरने से बकरी की मौत हो जाती है। इससे बचने के लिए बकरीपालकों को समय पर टीकाकरण करवाना चाहिए। हालांकि शिकायत आने पर विभाग के कर्मी और चिकित्सक बकरियों के उपचार के लिए प्रयास कर रहे हैं।