श्रीनगर। गैरसैंण स्थायी राजधानी की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे संजय घिल्डियाल दोबारा से गोला पार्क में बैठ गए हैं। पुलिस-प्रशासन ने गोला पार्क में बिना अनुमति धरना देने पर उन्हें शनिवार शाम उठा दिया था। अब उनके साथ प्रवीण सिंह ने भी अनशन शुरू कर दिया है। गैरसैंण राजधानी आंदोलन से जुड़े लोगों ने आंदोलन को जबरन दबाने और मारपीट का आरोप लगाते हुए एसडीएम और कोतवाल के निलंबन की मांग की है।
गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग के लिए संजय घिल्डियाल शनिवार से अनशन पर बैठे थे। पुलिस ने बिना अनुमति गोला पार्क में धरना देने पर शनिवार शाम ही घिल्डियाल और उनके साथी प्रवीण सिंह को उठा दिया। इस कार्रवाई में दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। रात लगभग 11 बजे तक एसडीएम मायादत्त जोशी, तहसीलदार सुनील राज के साथ आंदोलनकारियों की वार्ता हुई। इसके बाद दोनों आंदोलनकारियों को छोड़ दिया गया। एसडीएम कार्यालय से आने के बाद घिल्डियाल और प्रवीण पुन: गोला पार्क में बैठ गए।
रविवार को धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओें ने आरोप लगाया कि प्रवीण सिंह के साथ पुलिस ने मारपीट की है। उन्हें चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से राजधानी की मांग उठाने पर भी उनके साथ अलोकतांत्रिक व्यवहार किया जा रहा है। इस दौरान प्रगतिशील जनमंच के अध्यक्ष अनिल स्वामी, शिवानी पांडेय, वासुदेव कंडारी, मुकेश अग्रवाल, नवीन नौटियाल, सुशील कुमार और बृजेश भट्ट आदि मौजूद थे। इधर, एसडीएम मायादत्त जोशी ने बताया कि आंदोलनकारियों ने धरनास्थल की अनुमति नहीं ली है। पुलिस से रिपोर्ट मिली थी कि गोलापार्क में धरना देने से यातायात और अन्य गतिविधियों में व्यवधान होगा, इसलिए वहां की अनुमति नहीं दी गई। वहीं, कोतवाल एनएस बिष्ट का कहना है कि आंदोलनकारियों को भीड़ की मौजूदगी में उठाकर एसडीएम के समक्ष ले गए थे। ऐसे में मारपीट का कोई सवाल ही नहीं है।