श्रीनगर। जीआईसी पिपलीधार डागर को इस बार भी भवन निर्माण की सूची में शामिल न किए जाने पर क्षेत्रीय जनता में शासन व विभाग के खिलाफ आक्रोश है। जनप्रतिनिधियों व अभिभावकों ने भवन के लिए बजट स्वीकृत न होने पर अपने बच्चों को अन्य विद्यालय मेें दाखिला दिए जाने की चेतावनी दी है।
विकासखंड कीर्तिनगर के डागर क्षेत्र में स्थित जीआईसी पिपलीधार का भवन जर्जर बना हुआ है। विद्यालय भवन की दीवारों पर गहरी दरारें आने के साथ ही भवनों के लैंटर का प्लास्टर भी झड़ने लगा है। बारिश में छत टपकती है। एसएमसी के अध्यक्ष कमल सिंह जाखी ग्राम प्रधान असाड़ी देवी, मकानी पंवार व क्षेत्र पंचायत सदस्य मीना देवी ने बताया कि भवन निर्माण के लिए विगत पांच साल से मुख्यमंत्री सहित क्षेत्रीय विधायक से बजट की मांग की जा रही है। वर्तमान समय में विद्यालय में 343 छत्र हैं। प्रधानाचार्य अनिल कुमार पांडे ने कहा कि भवन निर्माण के संबंध में विगत कई साल से विभागीय उच्च अधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है। भवन अधिक जर्जर हो चुके हैं। सीईओ दिनेशचंद्र गौड़ का कहना है कि विद्यालय भवन निर्माण के लिए निर्माण एजेंसी को इस्टीमेट तैयार करने को कहा गया है। स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा।