श्रीनगर। जल विद्युत परियोजना कंपनी पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए धारी-थलीसैंण के अनुसूचित जाति के ग्रामीण धरने पर बैठे। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी ने दो बार विस्थापन व मुआवजा दिए जाने का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।
शनिवार को विस्थापन व मुआवजे की मांग के लिए धारी-थलीसैंण के अनुसूचित जाति के 22 परिवार के ग्रामीणों ने कंपनी मुख्यालय में धरना दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि जल विद्युत परियोजना कंपनी ने पूर्ण विस्थापन व मुआवजा दिए जाने का अनुबंध ग्रामीणों से किया था, लेकिन परियोजना निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद अभी तक कंपनी ने न तो मुआवजा दिया है और न ही विस्थापन किया है। ग्रामीण मुआवजा व विस्थापन की मांग के लिए पूर्व में दो बार धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन दिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों में शंकर लाल, संतलाल, सुंदर लाल, रीना देवी, सुनीता देवी, पंथा देवी आदि शामिल थे।