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टीएसी के लिए पटना भेजा गया तटबंध योजना का प्रस्ताव

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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
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1993 से लगातार वर्षाकाल में बाढ़ से नुकसान झेल रहे गौहरीमाफी क्षेत्र में सौंग नदी पर बाढ़ सुरक्षा के लिए 35 करोड़ का प्रस्तावित ढाई किलोमीटर लंबे तटबंध की योजना जल्द बनने की उम्मीद जगी है। योजना के प्रस्ताव को राज्य सरकार की टीएसी में पास कर दिया गया है। अब इसे गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग पटना, बिहार भेजा गया है। आयोग से योजना को तकनीकि स्वीकृति मिलने के बाद प्रस्ताव मंजूरी व धन आंवटन के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
सब कुछ ठीक रहा तो ऋषिकेश विधानसभा के अंतर्गत ग्रामसभा गौहरीमाफी में जल्द पक्का तटबंध बन जाएगा। सिंचाई विभाग के ऋषिकेश उपखंड ने गौहरीमाफी में पक्का तटबंध निर्माण के लिए सिंचाई विभाग देहरादून को वर्ष 2017 में बाढ़ सुरक्षा के तहत तटबंध का प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद सिंचाई विभाग ने प्रस्ताव को टीएसी के लिए शासन को भेजा। सिंचाई विभाग देहरादून के अधिशासी अभियंता डीके सिंह ने बताया कि गौहरीमाफी में 35 करोड़ की लागत से पक्का तटबंध निर्माण की योजना को राज्य सरकार की टेक्निकल ऑडिट सेल (टीएसी) ने मंजूरी दे दी है। इसके बाद यह फाइल भारत सरकार के अंतर्गत संचालित गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग, पटना बिहार को भेजा गया है। बताया कि गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग से टीएसी में हरी झंडी मिलने के बाद तटबंध योजना की फाइल को वित्तीय मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
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इसलिए नहीं हो पाया तटबंध का निर्माण
जनवरी 2014 में गौहरीमाफी में 1.8 किलोमीटर तटबंध निर्माण का कार्य 5 करोड़ 96 लाख की धनराशि से शुरू हुआ था। 61 लाख 72 हजार, 115 रुपये का निर्माण पूरा कर लिया गया था, लेकिन इसी बीच एक एनजीओ ने तटबंध स्थल को राजाजी टाइगर नेशनल पार्क के अंतर्गत बताते हुए एनजीटी में याचिका दायर कर दी थी, इसके बाद ट्रिब्यूनल ने निर्माण कार्य में रोक लगा दी थी। लंबी सुनवाई के बाद 31 मार्च 2016 को एनजीटी ने उक्त स्थल पर बाढ़ सुरक्षात्मक निर्माण कार्य को हरी झंडी दे दी, लेकिन तटबंध का समयबद्ध निर्माण नहीं होने से स्वीकृत धनराशि लैप्स हो गई।
अमर उजाला ने उठाया था कई बार मुद्दा
गौहरीमाफी गांव की जानमाल की सुरक्षा से जुड़ा तटबंध निर्माण का मुद्दा अमर उजाला कई बार प्रमुखता से उठा चुका है। अमर उजाला ने वर्ष 2013 से लगातार तटबंध निर्माण की खबरों को प्रमुखता के साथ प्रकाशित कर चुका है। इसके बाद 2017 में सिंचाई विभाग ने तटबंध की वृहद योजना तैयार कर शासन को भेजी गई। शासन स्तर से टीएसी पास होने के बाद अब प्रस्ताव गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग को भेजा गया है।
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मैं व्यक्तिगत तौर पर गौहरीमाफी में बाढ़ सुरक्षा तटबंध योजना के निर्माण की कोशिश कर रहा हूं। अब तो केंद्र में भी हमारी सरकार है, योजना को जल्द मंजूरी दिलाई जाएगी।
-प्रेमचंद अग्रवाल, क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष
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राज्य सरकार से गौहरीमाफी में तटबंध योजना की टीएसी हो चुकी है। अब योजना की फाइल को गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग पटना को भेजा गया है।
-डीके सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग, देहरादून
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