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अखिल भारतीय बाघ गणना कार्यक्रम

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ब्यूरो/रायवाला। रायवाला। राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज की 12 बीटों में से आबादी से सटी बीटों को छोड़कर घने जंगल वाली बीटों में दो मादा टाइगरों के पद चिन्ह के मिलने की जानकारी बाघ गणना कार्यक्रम से सामने आयी है। रेंज अधिकारी विकास रावत के अनुसार सुरक्षा कारणों के चलते रेंज की बीटों का नाम नहीं बताया जा सकता है। बताया कि इन बीटों दो मादा टाइगरों के पदचिंह गणना टीम को दिखाई दिए हैं, जिनकी जानकारी प्रपत्र में अंकित की गई है। मोतीचूर रेंज और कांसरों रेंज की बीटों में इनकी लोकेशन देखी गई है।
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दूसरी ओर अखिल भारतीय बाघ गणना कार्यक्रम के तहत राजाजी नेशनल टाइगर रिजर्व पार्क की मोतीचूर रेंज की सभी बीटों में मैनुअल और मोबाइल एप के जरिए आंकड़े जुटाने का काम जारों पर है। आंकड़े एकत्र करने का लक्ष्य इसी सप्ताह पूरा करने को लेकर सभी बीटों में ट्रैल, ट्रांजिट और हैवीटेट प्लॉट बनाने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। रेंज की बीटों से इसी सप्ताह एकत्र आंकड़ों को तकनीकी अध्ययन के लिए मुख्यालय को भेजने की बात अधिकारियों ने कही है।
रेंज अधिकारी विकास रावत ने बताया कि रेंज की 12 बीटों के प्रभारियों और सहायकों की मदद से रोजाना गणना कार्यक्रम के प्रपत्रों को भरने और मोबाइल एप कार्य किया जाना जारी है, जिसमें गणना टीम को रोजाना खुद की बनाई छह किमी ट्रांजिट लाइन में सीधा चलना होता है और प्रत्यक्ष दिखने वाले जानवरों की जानकारियों को प्रपत्रों में भरना होता है। इसके अलावा ट्रैल पद्घति में जानवरों के बनाए बठियाओं छोटे रास्तों के सहारे करीब चार किमी चलकर उनके पग मार्क, खरोच, मल मूत्र आदि की जानकारी और अवशिष्ट एकत्र कर जानकारियों के प्रपत्र भरने होते है। अब तक वन्यजीवों के अलावा तीसरे क्रम में वनस्पति की गणना के लिए हेवीटेट प्लॉट बनाने की प्रक्रिया को पूरा किया गया है, जिसके तहत प्रत्येक बीट में पांच से छह प्लॉट बनाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। बताया कि रेंज की ओर से आंकड़े एकत्र करने के लक्ष्य को इसी सप्ताह पूरा कर लिया जाएगा।
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नई प्रजाति के विकसित होने की मिलेगी जानकारी
रायवाला। अखिल भारतीय बाघ गणना कार्यक्रम के लिये तैयार किये गये आंकड़े से इस बार वनस्पतियों की बारिक जानकारी मिलने की आशंका है। एम स्ट्राइप साफ्टवेयर के आधार पर मिलने वाले आंकड़ों के गहन अध्ययन के बाद वन सीमा में उगने वाले विभिन्न वनस्पति की प्रजातियों के विलुप्त होना और नयी प्रजाति के विकसित होने की जानकारी मिलेगी। इसके लिए हेवीटेट प्लाटों को बनाकर भूमि की सभी गहन जानकारियों के आंकड़े प्रपत्रों में भरकर एकत्र किये गये है।

रेंज की घने बीटों में बनेगा टाइगर बाड़ा
राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज की घनी बीटों में जहां टाइगर की लोकेशन देखी जा रही है वहीं पर एक हेक्टीयर क्षेत्रफल का टाइगर बाड़ा बनाये जाने का कार्य जल्द शुरू होने वाला है। इसके लिये बजट का इंतजार है। जिसको चार से पांच मीटर पक्की दीवार और सोलर बाड़ के जरिए कवर किया जायेगा। इसके बनने के बाद बाघों की संख्या बढ़ा दी जायेगी। इस ओर लगातार कार्य चल रहा है प्रशासन की ओर से बाकायदा दस सदस्य टाइगर मानिटरिंग टीम लगातार टाइगर की हर गतिविधियों पर नजर रखने के लिये इन बीटों मेें तैनात कर रखी है।
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