फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संस्कृत भाषा के महत्व और प्रासंगिकता पर डाला प्रकाश

विज्ञापन
विज्ञापन
देवप्रयाग। राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान देवप्रयाग परिसर में आयोजित राष्ट्रीय सेमीनार का समापन हो गया है। समापन अवसर पर संस्कृत के विद्वानों ने संस्कृत के महत्व और प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
विज्ञापन

शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नक्षत्र वेधशाला के निदेशक आचार्य भाष्कर जोशी ने कहा कि विश्व में व्याप्त समस्याओं को दूर करने के लिए संस्कृत शास्त्रों का अध्ययन अत्यंत आवश्यक है। संस्कृत मात्र भाषा नहीं है, बल्कि विचार है।
संस्कृत भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष प्रो. भक्त वत्सल शर्मा ने कहा कि वेद -उपनिषदों में वर्णित ज्ञान एवं विज्ञान आज भी अत्यंत प्रासंगिक और उपयोगी हैं। देव संस्कृति विवि के प्रो. सक्सेना ने कहा कि मानव केवल यंत्र मात्र नहीं, बल्कि ज्ञानेद्रियों और कर्मेद्रियों से युक्त है। श्री लालबहादुर शास्त्री विद्यापीठ दिल्ली के डा. केएस सतीश, हिमाचल के डा. समीर, तिरुपति के मनोज्ञ, डा. मनीष और डा. आर बालमुरुगन शोध पत्र प्रस्तुत किए। 10 दिन तक चले सेमीनार में 250 विद्वानों ने शिरकत की। इस मौके पर परिसर के प्राचार्य केबी सुब्बारायडू, डा. मुकेश शर्मा, डा. शैलेंद्र उनियाल, डा. वीरेंद्र बत्र्वाल और प्रो. वनमाली आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें