श्रीनगर। विकासखंड कीर्तिनगर में झिंझनीसैंण-जखेड़ मोटर मार्ग के निर्माण के दौरान कार्यदायी संस्था ने जंगल में मशीन घुमाकर पेड़ धराशायी कर दिए, जबकि नियमानुसार, कटिंग से पूर्व वन निगम को पेड़ों का कटान करना था। कार्यदायी संस्था लोनिवि (पीएमजीएसवाई) खंड के अधिकारियों का कहना है कि वन निगम ने ही कार्य की व्यस्तता के चलते खुद ही पेड़ काटने के लिए कहा था, लेकिन वन निगम ने इससे इनकार करते हुए वन विभाग और मुख्य अभियंता पीएमजीएसवाई को पत्र भेजा है।
गत जनवरी माह में क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी के झिंझनीसैंण-जखेड़ मोटर मार्ग का शिलान्यास करने के बाद कार्यदायी संस्था के ठेकेदार ने मशीनों से कटिंग शुरू कर दी। 10 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत किया जा रहा है। सड़क निर्माण के लिए वन भूमि हस्तांतरण की अनुमति मिलने के बाद वन विभाग पेड़ों का छपान करता है। इसके बाद वन निगम पेड़ों का कटान करता है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। मशीनों से पेड़ों को उखाड़कर मलबे में दबा दिया गया। सड़क के मलबे का भी ठीक ढंग से निस्तारण नहीं किया गया। हालांकि मामला उप जिलाधिकारी कीर्तिनगर नूपुर वर्मा तक पहुंचने पर कुछ स्थानों में कटे हुए पेड़ सड़क किनारे रख दिए गए।
क्या कहते हैं अधिकारी
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विधिवत स्वीकृति के बाद ही सड़क का काम शुरू कराया गया। वन निगम ने ऑल वेदर रोड में व्यस्तता की बात कहते हुए स्वयं पेड़ हटाने के लिए कहा था, जिस पर कटे हुए पेड़ सड़क किनारे रख दिए गए।
-जेएस रावत, अधिशासी अभियंता, लोनिवि (पीएमजीएसवाई), कीर्तिनगर
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विभाग ने सड़क संबंधी दस्तावेज दिए हैं। वन निगम को कहा गया है कि वह अपने कर्मचारियों की मौजूदगी में पेड़ हटवाए।
-नूपुर वर्मा, एसडीएम, कीर्तिनगर
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वन विभाग पेड़ों का छपान करता है। इसके बाद संबंधित एजेंसी निगम को पेड़ कटान के लिए भुगतान करती है, लेकिन लोनिवि ने ऐसा नहीं किया और स्वयं पेड़ काट दिए। वन विभाग को इस संबंध में कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
-इंद्रेश उपाध्याय, डीएलएम वन निगम टिहरी