ब्यूरो/अमर उजाला
ऋषिकेश। नेत्रदान महादान के संकल्प के चलते स्थानीय निवासी शकुंतला देवी और नरेंद्र सिंह के देहावसान के बाद भी उनकी आंखें चार जिंदगियों को रोशन करेंगी।
बैराज मार्ग ऋषिकेश निवासी 93 वर्षीय शकुंतला देवी के निधन के बाद उनके पुत्र रामगोपाल अग्रवाल ने अपनी मां की आंखें दान करने का निर्णय लिया और नेत्रदान कार्यकर्ता लायन गोपाल नारंग से संपर्क साधा। नारंग ने इसकी जानकारी हिमालयन हास्पिटल के नेत्र विभाग को दी। अस्पताल से डा. अखिल बत्रा, डा. प्रशंसा व डा. मनीषा गुनसोला ने उनके बैराज रोड स्थित आवास पर पहुंचकर पार्थिव देह से कॉर्निया प्राप्त किया।
उधर बिजनौर निवासी 57 वर्षीय नरेंद्र सिंह का एम्स में उपचार के दौरान निधन हो गया। नेत्रदान महादान के संकल्प के तहत उनके भाई तेजपाल सिंह ने नरेंद्र की आंखें दान करने के लिए निर्मल आश्रम आई हास्पिटल में संपर्क किया। संस्थान की डा. ऐना ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर दिवंगत की पार्थिव देह से कॉर्निया लिया। बताया गया कि परीक्षण के बाद कॉर्निया जरूरतमंद लोगों को प्रत्यारोपित किए जाएंगे।