ब्यूरो/ अमर उजाला, मसूरी।
फिजियोथैरेपी एसोसिएशन की ओर से रविवार को प्रथम नेशनल हिल फिजियोकॉन सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन फिजियोथैरेपी चिकित्सकों ने उनकी समस्याओं के निदान को प्रदेश में अलग से काउंसिल बनाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई।
कुलड़ी स्थित एक होटल में आयोजित सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य का स्वस्थ होना बेहद जरूरी है, लेकिन काम के बोझ के कारण वह स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बरतता है। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए। कोई भी परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से उपचार देना चाहिए। सीएमओ वाईएस थपलियाल ने कहा कि आज के दौर में बेड़ पर पड़े रोगी को खड़ा करने में फिजियोथैरेपी चिकित्सकों का अहम योगदान है। फिजियोथैरेपी के बिना कोई चिकित्सा पूरी नहीं होती। डॉ. एसके त्यागी ने कहा कि उत्तराखंड में फिजियोथैरेपी एसोसिएशन ने अलग काउंसिल की मांग की थी, उसे उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट में स्वीकार कर लिया गया। इसका प्रस्ताव गैरसैंण विधानसभा सत्र में किन्हीं कारणों से पास नहीं हो पाया। जो आने वाले समय में पास हो जाएगा। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों से आए एसोसिएशन पदाधिकारियों से भी अपने प्रदेशों में अलग काउंसिल की मांग करने की अपील की। इस मौके पर विरेंद्र खोखर को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। वहीं, डा. एसके त्यागी और प्रकाश चंद्र को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया। सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से आए करीब तीन सौ फिजियोथैरेपी चिकित्सक मौजूद थे।