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भूकंप की मॉकड्रिल को गंभीरता से नहीं ले रहे अधिकारी-कर्मचारी

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गोपेश्वर। जिला मुख्यालय पर बृहस्पतिवार को भूकंप की मॉकड्रिल की गई, लेकिन अधिकारी बिना तैयारी के ही पहुंच गए। इस पर डीएम आशीष जोशी ने अधिकारियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि भूकंप और प्राकृतिक आपदाओं में राहत-बचाव के लिए कई बार मॉकड्रिल की जा चुकी है, लेकिन अधिकारी इसके प्रति लापरवाही जता रहे हैं।
बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे चमोली जिले में 7.6 तीव्रता के भूकंप (काल्पनिक) के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र चमोली में ही था। रिस्पांस सेंटर के सभी नोडल अधिकारियों को कंट्रोल रूप से सूचना देकर सायरन बजाकर सभी लोगों को अलर्ट किया गया। गोपेश्वर के कुंड कालोनी, विकास भवन, जीएमवीएन और मंदिर मार्ग गोपेश्वर गांव में भूकंप से भारी जानमाल के नुकसान की सूचना मिली। जब आपदा की टीम जीएमवीएन और विकास भवन पहुंची तो चमोली तहसील टीम के साथ एसडीएम चमोली परमानंद राम भी पहुंचे, लेकिन वे आपदा किट लाना भूल गए। इस पर डीएम आशीष जोशी ने कड़ी नाराजगी जताई। चिह्नित आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस के जवान भी बिना सुरक्षा सामग्री के पहुंचे। इस पर एसपी तृप्ति भट्ट ने उन्हें फटकार लगाई और पुलिस अधिकारियों और जवानों को अपनी सुरक्षा सामग्री हेलमेट, रस्सी, टार्च भी साथ लाने के लिए कहा। जीजीआईसी गोपेश्वर में भी एक घायल महिला कर्मचारी को स्ट्रेचर पर ले जाना था लेकिन महिला ने मना कर दिया। तब उसे जबरदस्ती स्ट्रेचर पर लेटा कर एंबुलेंस तक ले जाया गया। जीएमवीएन में भी स्ट्रेचर में लेटने के लिए कोई भी कर्मचारी तैयार नहीं हुआ।
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मॉक ड्रिल में कमियां पाई गई हैं। अधिकारियों को कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को मॉक ड्रिल अभ्यास को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उन्हें मॉकड्रिल में तैयारी के साथ आने के निर्देश दे दिए गए हैं। - आशीष जोशी, डीएम, चमोली।
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