तीर्थनगरी में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
-- मकर संक्रांति पर्व पर गंगा स्नान के लिए घाटों पर जुटे श्रद्धालुगण
-- पितरों को दिया तर्पण, भिक्षुओं, गरीबों और ब्राह्मणों को दिया दान
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। मकर संक्रांति पर्व पर तीर्थनगरी में हजारों श्रद्धालुओं ने मोक्षदायिनी गंगा में डुबकी लगाई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य दिया। स्नानार्थियों ने डुबकी लगाने के बाद पितरों को तर्पण दिया व भिक्षुओं, गरीबों और ब्राह्मणों को अनाज, दाल, दक्षिणा आदि दान भेंट कर पुण्य कमाया। रविवार को पर्व पर तीर्थनगरी के विभिन्न गंगाघाटों पर ब्रह्ममुहूर्त से डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं के जुटने का सिलसिला शुरू हो गया था। पर्व पर हजारों श्रद्धालुओं ने त्रिवेणीघाट, बहत्तर सीढ़ी घाट, साईं घाट, मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम, लक्ष्मणझूला व तपोवन के विभिन्न घाटों पर आस्था की डुबकी लगाई।
गंगा तटों पर स्नान, दान, तर्पण का सिलसिला ब्रह्ममुहूर्त से दोपहर बाद तक जारी रहा। इस दौरान दोपहर होते-होते तक तीर्थक्षेत्र के लगभग सभी गंगाघाट व तट श्रद्धालुओं से पटे नजर आए। लोगों ने गंगा स्नान के बाद पितरों के निमित्त तर्पण दिया। साथ ही घाटों पर गरीबों, भिक्षुओं और ब्राह्मणों को आटा, चावल, दाल, तिल के लड्डू आदि दान देकर आशीर्वाद लिया। वहीं, तीर्थनगरी में मकर संक्रांति पर्व के मौके पर जगह-जगह स्टॉल लगाकर श्रद्धालुओं को खिचड़ी प्रसाद का वितरण किया गया। लक्ष्मणझूला मार्ग, घाट चौक, रेलवे रोड, दून मार्ग, मुनिकीरेती और स्वर्गाश्रम आदि इलाकों में राहगीरों को प्रसाद के तौर पर खिचड़ी, पापड़, अचार वितरित किया गया।
बौद्घ धर्म के अनुयायियों ने भी मनाया पर्व
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन आश्रम में विदेशी पर्यटकों और लद्दाख से आए बौद्ध धर्म के अनुयायियों और ऋषिकुमारों ने स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि के सानिध्य में मकर संक्रांति पर्व मनाया। इस दौरान स्नान, दान, ध्यान, यज्ञ व गंगा तट की साफ सफाई की गई। इस अवसर पर बौद्ध कन्याओं ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। बौद्घ धर्मावलंबियों ने साध्वी भगवती सरस्वती से गीता, भारतीय आध्यात्म एवं जीवन मूल्यों के विषय में मार्गदर्शन लिया।
पर्व पर बेपटरी रहा शहर में यातायात
ऋषिकेश। मकर संक्रांति पर्व के तहत पुलिस ने गंगा स्नान के लिए जुटने वाले श्रद्धालुओं को यातायात अव्यवस्था से बचाने के लिए कोई प्लान नहीं बनाया था, जिसके चलते मुख्य मार्ग से लेकर शहर के अन्य आंतरिक मार्गों तक लोगों को दिन भर अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। सर्वाधिक परेशानी लोगों को त्रिवेणीघाट रोड पर हुई। वाहनों की लगातार आवाजाही से जाम के साथ ही पैदल चलने वालों तक को पैर रखने की जगह नहीं मिली। बावजूद इसके पुलिस ने पर्व को लेकर पहले से कोई तैयारी नहीं की, जिसके चलते लोगों को फजीहत झेलनी पड़ी।
गंगाघाटों पर मुस्तैद दिखी जल पुलिस
ऋषिकेश। तीर्थनगरी में मकर संक्रांति पर्व पर ऋषिकेश, मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम,लक्ष्मणझूला आदि इलाकों में तैनात जल पुलिस के जवान गंगाघाटों और तटों पर मुस्तैद नजर आए। हालांकि, स्नान के दौरान किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं है। पुलिस महकमे ने जल पुलिस के जवानों को स्नान पर्व पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए थे।