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बढ़ी फीस नहीं लौटाने के विरोध में उतरे छात्र

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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी हुई फीस नहीं लौटाने पर उत्तरांचल आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्र विरोध में उतर आए। गुस्साए छात्रों ने कॉलेज के गेट पर तालाबंदी करते हुए दिनभर प्रदर्शन किया। उधर, हाईकोर्ट के इस फैसले पर कॉलेजों ने दोबारा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। शाम को कॉलेज प्रशासन ने हाईकोर्ट से आदेश आने पर उसके अनुपालन को लेकर लिखित आश्वासन दिया, तब छात्र शांत हुए।
प्रदेशभर में चल रहे बीएएमएस, बीएचएमएस शुल्क मामले के आंदोलन का असर शनिवार को उत्तरांचल आयुर्वेदिक कॉलेज में नजर आया। यहां छात्रों ने पहले कॉलेज के गेट पर तालाबंदी की और प्रदर्शन किया। इसके बाद राजपुर रोड स्थित आयुर्वेदिक कॉलेज के चेयरमैन डॉ. अश्वनी कांबोज के आवास और वहीं, स्थित अस्पताल पर भी धरना-प्रदर्शन किया। इससे कॉलेज में स्टाफ का आवागमन बाधित रहा। कॉलेज चेयरमैन डॉ. अश्वनी कांबोज छात्रों को समझाने पहुंचे। लेकिन, छात्र नहीं माने। छात्र शुभम गौड़, हार्दिक चौहान, रुद्र, प्रज्ञा पांतरी, पारूल चौहान, रजत शर्मा, आयुष का कहना था कि कि साल 2015 में बीएएमएस की फ ीस 80,500 रुपये से बढ़ाकर 2.15 लाख रुपये और बीएचएमएस का शुल्क 73,600 से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी थी। इसके विरोध में छात्र हाईकोर्ट गए थे। हाईकोर्ट ने नौ जुलाई 2018 को बढ़ी हुई फ ीस कॉलेजों को लौटाने का आदेश जारी किया था। आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन फ ीस नहीं लौटा रहा है। बल्कि, 2018 सत्र के छात्र-छात्राओं से भी बढ़ी हुई फ ीस जमा कराने का दबाव बना रहा है। उधर, कॉलेजों ने हाईकोर्ट के आदेश पर अब हाईकोर्ट में ही पुनर्विचार याचिका दायर कर दी है। कॉलेज चेयरमैन डॉ. अश्वनी कांबोज ने छात्रों को लिखित आश्वासन दिया कि हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद वह पूर्णत: अनुपालन करेंगे तो छात्र मान गए।
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बयान-
शुल्क के मामले पर जिस कॉलेज के छात्रों की याचिका पर हाईकोर्ट ने आदेश दिया था, वही अब हाईकोर्ट गए हैं। पुनर्विचार याचिका पर हाईकोर्ट का जो भी फैसला होगा, हमें मान्य होगा। हमने छात्रों को लिखित आश्वासन दे दिया है। - डॉ. अश्वनी कांबोज, चेयरमैन, उत्तरांचल आयुर्वेदिक कॉलेज
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हमने सभी कॉलेजों को हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं। दो बार आदेश भेजा जा चुका है। अब जो कॉलेज इनका अनुपालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. राजेश कुमार, प्रभारी कुलसचिव, आयुर्वेद विश्वविद्यालय
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