केदारनाथ। भगवान आशुतोष के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल केदारनाथ धाम के कपाट आज रविवार को प्रात: 6.15 बजे विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस शुभ घड़ी का गवाह बनने के लिए शनिवार शाम तक करीब 10 हजार श्रद्धालु धाम पहुंच चुके हैं।
केदारनाथ यात्रा को लेकर इस बार खासा उत्साह बना हुआ है। शुक्रवार दोपहर बाद से ही गुप्तकाशी से गौरीकुंड तक काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंच चुके थे। शनिवार को केदारघाटी के बाजार तीर्थयात्रियों से गुलजार हो गए। इधर, शनिवार को गौरीकुंड के गौरी माई मंदिर में प्रात: सात बजे भगवान केदारनाथ की चल विग्रह डोली की मुख्य पुजारी गंगाधर लिंग ने विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान आराध्य के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। सभी धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के बाद प्रात: आठ बजे सेना की 10-जेएकेलाई (10-जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फेंट्री) के 14 सदस्यीय बैंड दल की मनमोहक धुनों के बीच भगवान केदारनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली ने अपने धाम के लिए प्रस्थान किया। बाबा की डोली पैदल रास्ते से चीरबासा, जंगलचट्टी, भीमबली, रामबाड़ा, लिनचोली, छानी कैंप, रुद्रा प्वाइंट होते हुए दोपहर बाद केदारनाथ पहुंची। यहां बीकेटीसी, प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों/कर्मचारियों ने डोली का स्वागत किया।
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि कपाटोद्घाटन के मौके पर राज्यपाल डा. केके पाल मुख्य अतिथि होंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और अन्य गणमान्य लोगों के भी पहुंचने की उम्मीद है।
20 कुंतल फूलों से सजाया गया केदारनाथ मंदिर
केदारनाथ। श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा केदारनाथ मंदिर को 20 कुंतल गेंदा के फूलों से सजाया गया है। चारों ओर बिजली की रंग-बिरंगी झालरें मंदिर की भव्यता को चार चांद लगा रही हैं। बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि मंदिर को सजाने के लिए ऋषिकेश से 26 अप्रैल को फूल केदारनाथ पहुंचा दिए गए थे। फूलों के साथ बेलपत्री, आम और पीपल के पत्तों की माला का भी उपयोग किया गया है।
केदारनाथ में इस बार खास
-आदि, अनंत, शिव थीम पर लेजर शो का सात दिवसीय आयोजन
-यात्रा के पहले हफ्ते में धाम में 5000 श्रद्धालुओं के रात्रि प्रवास की व्यवस्था
-जीएमवीएन की हट्स में ठहर सकेंगे वीआईपी और वीवीआईपी
-सोनप्रयाग और सीतापुर की पार्किंग में एक हजार वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था
-केदारनाथ यात्रा पर पहुंच रहे श्रद्धालु गौरीकुंड में अपने पितरों को दे सकेंगे तर्पण
आज उद्धव जी और कुबेर जी बदरीनाथ के लिए होंगे रवाना
जोशीमठ/पांडुकेश्वर। नृसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद आदि गुरु शंकराचार्य की डोली और गाड़ू घड़ा तेल कलश यात्रा शनिवार को रात्रि प्रवास के लिए योग ध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर पहुंची। रविवार को पांडुकेश्वर से कुबेर जी, उद्धव जी की उत्सव डोली और गाडू घड़ा यात्रा बदरीनाथ के लिए रवाना होगी। बता दें कि बदरीनाथ धाम के कपाट 30 अप्रैल को प्रात: 4.30 बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुलेंगे।