हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा के किनारे बनेगा रिवर फ्रंट
-- अहमदाबाद में साबरमति नदी की तर्ज पर नदी के तट होंगे विकसित
-- सेंटर फॉर सस्टेनेबल सिटीज संस्था ने तीर्थनगरी में दी प्रस्तुति
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश और धर्मनगरी हरिद्वार में मोक्षदायिनी गंगा के किनारों को अहमदाबाद की साबरमति रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। सिटी और हैरीटेज प्लानिंग से जुड़ी गुजरात की कंसल्टेंसी फर्म संस्था इंटरनेशनल सेंटर फॉर सस्टेनेबल सिटीज ने इस योजना का खाका तैयार किया है। नमामि गंगे परियोजना के तहत तैयार प्रोजेक्ट को अंतिम रूप देने के लिए बृहस्पतिवार को संस्था के अधिकारियों ने विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर उन्हें प्रोजेक्ट का डेमो दिखाया।
बैराज रोड स्थित विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के कैंप कार्यालय में बृहस्पतिवार को इंटरनेशनल सेंटर फॉर सस्टेनेबल सिटीज की कोआर्डिनेटर समीहा सेठ और एडवाइजर सीएन रे पहुंचे। उन्होंने स्पीकर अग्रवाल और नगर निगम के अधिकारियों की मौजूदगी में तीर्थनगरी में गंगा तटों के लिए तैयार किए गए रिवर फ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की प्रस्तुति दी। इस दौरान स्पीकर व क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने संस्था को पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रोजेक्ट में गंगा किनारे लाइटिंग, शौचालय और चेंजिंग रूम आदि जरूरी व्यवस्थाएं भी शामिल करने का सुझाव रखा।
अध्यक्ष अग्रवाल ने बताया कि ऋषिकेश और समीपवर्ती क्षेत्रों में रिवर फ्रंट डेवलपमेंट की योजना है, जोकि केंद्र सरकार के नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत बनाई जा रही है। ऋषिकेश में योजना पर करीब 70 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं, जिसमें सरकार बड़े औद्योगिक घरानों की सहायता भी लेगी। इसी प्रकार हरिद्वार में भी रिवर फ्रंट डेवलपमेंट योजना के तहत कार्य किया जाएगा।
संस्था के एडवाइजर सीएन रे ने बताया कि योजना के कागजी प्रोजेक्ट को अंतिम रूप देने से पूर्व इसे स्थानीय विधायक को दिखाया गया है। उन्होंने कुछ सुझाव दिए हैं, जिन पर अमल कर प्रोजेक्ट में तब्दीली की जाएगी। बताया कि प्रोजेक्ट का खाका फाइनल होने के बाद इसे नमामि गंगे योजना के अधिकारियों को सौंपा जाएगा। इस अवसर पर एसडीएम हर गिरि, सहायक नगर आयुक्त महेंद्र सिंह यादव, नमामि गंगे के रिवर डेवलपमेंट स्पेशलिस्ट पीयूष कुमार सिंह, वन दारोगा सुनील रावत आदि मौजूद थे।
2019 में जनता को क्या दिखाएंगे
ऋषिकेश। नमामि गंगे परियोजना के तहत रिवर फ्रंट डेवलपमेंट योजना की प्रस्तुति के दौरान विधानसभा अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि उनके क्षेत्र में नमामि गंगे से फिलहाल कोई कार्य धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। वह बोले कि केंद्र सरकार के कार्यकाल को करीब-करीब साढ़े तीन साल का वक्त हो चुका है। वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव हैं, ऐसे में प्रचार के दौरान स्थानीय लोगों को नमामि गंगे से क्षेत्र में क्या काम हुआ, यह कैसे बताएंगे।
26 एमएलडी का होगा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
ऋषिकेश। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के मुताबिक नगर में सीवरेज ट्रीटमेंट के लिए लक्कड़घाट में स्थापित प्लांट की क्षमता फिलहाल 6 एमलडी है, जिसे बढ़ाकर 26 एमएलडी किए जाने की भी योजना है। बताया कि सीधे गंगा में गिर रहे सीवरेज की टेपिंग के लिए 158 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं, जिस पर जल्द कार्य शुरू किया जाएगा। बताया कि नमामि गंगे परियोजना के राज्य निदेशक राघव लंगर से भी इस बाबत बातचीत की जाएगी।