श्रीनगर। विकासखंड कीर्तिनगर के सेंद्री गांव में आयोजित घंटाकर्ण देवता की दस दिवसीय जात में श्रद्धालुओं ने देवता को भेंट चढ़ाकर पुत्र प्राप्ति सहित सुख समृद्धि की मन्नत मांगी। ग्रामीणों की ओर से पूजा अर्चना के बाद घंटाकर्ण देवता को मूल गद्दी में विराजमान किया गया। अब 12 साल बाद घंटाकर्ण की अगली जात का आयोजन किया जाएगा।
शुक्रवार को सेंद्री गांव में घंटाकर्ण देवता की 10 दिवसीय जात संपन्न हुई। इस मौके पर पोखरी सैण में पूजा अर्चना के बाद विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। मंदिर में विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु व ध्याणियों ने देवता के दर्शन कर सुख समृद्धि की मन्नत मांगी। उसके बाद देव निशानों के साथ देवता ने मूल गद्दी सेंद्री गांव के लिए प्रस्थान किया। यहां पहुंचने पर देवता को मूल गद्दी में विराजमान किया गया। ग्राम प्रधान मुनेंद्र सिंह कठैत व हाकम सिंह बिष्ट ने बताया कि अब 12 साल बाद वर्ष 2029 में देवता की जात का आयोजन होगा। इस मौके पर ग्रामीणों की ओर से मंदिर परिसर में सफाई अभियान चलाकर कूड़ा एकत्र किया गया। समापन मौके पर लक्ष्मण सिंह, सुरेंद्र सिह, विरेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में सेंद्री व सुपाणा के ग्रामीण मौजूद थे। ब्यूरो