श्रीनगर। लोनिवि के अभियंताओं के साथ मारपीट के आरोपी छात्रों की गिरफ्तारी पर नैनीताल हाईकोर्ट ने 3 जनवरी तक रोक लगा दी है। कोर्ट के आदेश की कॉपी मिलने के बाद छात्र शाम को पुल के पिलर से उतर आए। कोतवाल एनएस बिष्ट ने बताया कि छात्रों ने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में 29 दिसंबर को परीक्षा देने का हवाला दिया। कोर्ट से अनुरोध किया गया कि गिरफ्तारी होने पर वह परीक्षा नहीं दे पाएंगे। इस पर कोर्ट ने छात्रों की गिरफ्तारी पर 3 जनवरी तक रोक लगा दी है।
26 दिसंबर को लोनिवि के अधिशासी अभियंता सुरेश तोमर और उनके अधीनस्थों ने बिड़ला परिसर के छात्र संघ अध्यक्ष प्रदीप पंवार, सचिव देवकांत देवराड़ी, पूर्व अध्यक्ष दिव्यांशु बहुगुणा, पुष्पेंद्र पंवार, दीपक सजवाण, राम प्रकाश, राम प्रसाद, विकास कठैत और शिवकांत कंडारी समेत अन्य के खिलाफ मारपीट, जान से मारने की धमकी, गाली-गलौच, सरकारी काम में बाधा डालने, बलवा और एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज कराया है। इस घटना के बाद से गिरफ्तारी से बचने के लिए 9 में से 7 आरोपी छात्र नेता पुल के पिलर पर बैठे गए। खतरनाक स्थान पर बैठे होने के कारण पुलिस उनको गिरफ्तार नहीं कर पाई।
छात्रों की गिरफ्तारी और सुरक्षा को देखते हुए कीर्तिनगर पुलिस सहित एसडीएम श्रीनगर मायादत्त जोशी, तहसीलदार सुनील राज, कोतवाल एनएस बिष्ट मय फोर्स मौके पर डटे हुए थे। इस बीच छात्रों के कुछ समर्थक गिरफ्तारी रुकवाने के लिए नैनीताल हाईकोर्ट चले गए। बृहस्पतिवार अपराह्न लगभग 2 बजे सूचना मिली कि कोर्ट ने स्टे दे दिया है। फोन पर आई इस सूचना से आरोपी छात्रों सहित उनके समर्थकों ने राहत की सांस ली। छात्र भी पिलर से उतरने की तैयारी करने लगे, लेकिन देर शाम तक कोई विधिवत लिखित सूचना न मिलने पर छात्र पिलर पर बैठे रहे।
शाम लगभग 7 बजे जब पुलिस को विधिवत स्टे आर्डर की कॉपी मिली। तब छात्र पिलर से उतर आए। छात्रों के पिलर से उतरने के बाद श्रीनगर और कीर्तिनगर पुलिस ने भी राहत की सांस ली।