श्रीनगर। विकासखंड कीर्तिनगर के सेंद्री घंटाकर्ण देवता जात में कवियों की ओर से आयोजित कविता पाठ आकर्षण का केंद्र रहा। इस मौके पर कवियों ने अपनी कविताओं में जहां बदलती सामाजिक व भ्रष्ट राजनीतिक व्यवस्था पर जम कर तंज कसे वहीं गांवों से हो रहे पलायन व गांवों की समस्या को भी उजागार किया।
आखर समिति की ओर से सेंद्री गांव के घंटाकर्ण जात में आठ दिनों से कवि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर कुसुमलता ममगाईं की कविता बांझा गौ का बांदर राजा... विशेष आकर्षण का केंद्र रही। जबकि कवि सम्मेलन के संयोजक संदीप रावत की कविता गाडी-मोटर गौं-गौं पौछिनी, मनखी पौछिनी स्यकुंद...ने खूब तालिया बटोरी। कवि सम्मेलन में अजय गुसाईं की पहाड़ों की दिशा व दशा पर आधारित कविता चुप्प-चाप तामाशु देखणा व राकेश जिरवान की नौ साल मा...बीना सजवाण की जौ जस दियाल..., हाकम सिंह बिष्ट की प्रस्तुति कुटुमदारी बड़ी जैकी... कविताओं ने भरपूर मनोरंजन किया। इस मौके पर ज्येष्ठ प्रमुख किरन सिलवाल, प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष बासुदेव भट्ट, रामचंद्र कंडियाल, मुनेंद्र कठैत, दौलत सिंह बिष्ट व मुकेश कठैत आदि मौजूद थे।