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जख द्यबतों का ठौं छन भैजी...पर झूमे दर्शक

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पीपलकोटी। सात दिवसीय बंड मेले के छठवें दिन महिला मंगल दल और युवक मंगल दलों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। पाखी गांव से लेकर बिरही क्षेत्र तक की महिलाओं और युवकों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। युवक मंगल दल कम्यार के युवाओं ने पौराणिक पांडव लीला नृत्य का मंचन किया।
सोमवार को बंड मेले का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष चमोली के नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत ने किया। मेले में महिला मंगल दल पाखी, किरुली, लुहां और बिरही की महिलाओं ने मेरा भेजी दूर परदेश मां..., जख द्यबतों का ठों छन भैजी..., जय मां नंदा..., जब बंड भूम्याल, क्षत्रछाया राखी, कुटुंब, परिवार... जैसे गीतों की प्रस्तुति दी। किरुली की महिलाओं ने पेड़ लगाओ-पेड़ बचाओ नाटक की प्रस्तुति से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। महिला मंगल दल पाखी की महिलाओं ने नंदा विदाई और रामी बौराणी नाटक की प्रस्तुति दी। मां नंदा की विदाई का मंचन देख दर्शकों की आंखें नम हो गईं। रामी-बौराणी नाटक के जरिए महिलाओं ने एक ग्रामीण महिला की व्यथा का मंचन किया। सांस्कृतिक संध्या में जौनसार कला मंच और भागचंद सावन एंड पार्टी के कलाकारों ने जौनसारी गीतों की प्रस्तुति दी। उन्होंने जय हो ईष्ट देवता महासू... से माहौल को भक्तिमय कर दिया। जौनसार के कलाकारों ने सिर पर चाय बनाने से लेकर कांच के टुकड़ों पर नृत्य कर दर्शकों को हतप्रत कर दिया। इस मौके पर बंड विकास संगठन के अध्यक्ष शंभू प्रसाद सती, पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह, रमेश बंडवाल, अयोध्या प्रसाद हटवाल, हरिदर्शन, बिहारी लाल बनवाल, सुनील कोठियाल, विनोद पंत, गजेंद्र राणा, सुरेंद्र नेगी, हरीश पुरोहित, मदन डंडरियाल, विजय मलासी, अशोक गुसाईं, सतेंद्र नेगी, कुलवीर, कुशलानंद सती, बहादुर भंडारी और मनोज कुमार आदि मौजूद थे।
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आकर्षण का केंद्र बना वन विभाग का स्टॉल
बंड मेले में वन विभाग का स्टॉल आकर्षण का केंद्र बना है। मेले में केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग, बदरीनाथ वन प्रभाग और अलकनंदा भूमि संरक्षण की ओर से लगाए गए संयुक्त स्टॉल में जंगल बचाने और वन्य जीवों के अवैध शिकार को रोकने की प्रदर्शनी लगाई गई। वन दरोगा शरद सिंह कंडारी, देवेंद्र सजवाण, पपेंद्र आदि स्टॉल के बारे में बताया। मेले में उद्यान, स्वजल, शिक्षा, स्वास्थ्य विभागों के साथ ही स्वयं सहायता समूहों की ओर से भी स्टॉल लगाए गए हैं।
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चार साल के माधव ने तबले पर दी थाप
बंड क्षेत्र के गडोरा गांव के चार साल के माधव ने तबले पर अपनी अंगुलियों का जादू बिखेर दिया। माधव के तबले की थाप ने मेला पंडाल में बैठे सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। माधव के पिता कमलेश हटवाल भी तबला वादक हैं, जबकि माधव के दादा दिनेश हटवाल हार्मोनियम और तबले में महारथ हासिल कर चुके हैं। बंड भूमियाल की स्तुति भी दिनेश हटवाल की ओर से रचित हैं।
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