हरिद्वार। जूना अखाड़े में बड़े पदाधिकारियों से अनुमति लिए बगैर अमरनाथ छड़ी मुबारक यात्रा की घोषणा करने वाले थानापति शिवम पुरी की ओर से संचालित त्रिकालदर्शी वेद ज्योतिष अनुसंधान केंद्र को तत्काल बंद करने के आदेश दिए गए हैं। जिन महंतों और बाबाओं ने बगैर अनुमति बाहरी तत्वों के साथ मिलकर अखाड़े के संपत्ति का दुरुपयोग किया है, उनके विरुद्घ भी कार्रवाई होगी। प्रेस वार्ता में की गई घोषणा को जूना अखाड़े ने पहले ही खारिज कर दिया है।
जूना अखाड़े के संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि ने बताया कि अखाड़े में किसी भी पदाधिकारी के मौजूद न रहने का लाभ शिवम पुरी और उनके साथियों ने उठाया। अखाड़े का एक प्रोटोकाल है, जिसके अनुसार कोई भी निर्णय लेने का अधिकार बड़े पदाधिकारियों को ही है। उन्होंने कहा कि शिवम पुरी ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर ऐसी घोषणा की जिसका अखाड़े की नीतियों से गहरा संबंध है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह सीधे-सीधे अवमानना है। इसका दंड निश्चित मिलेगा। अमरनाथ की छड़ी मुबारक यात्रा प्राचीनकाल से जूना अखाड़े की जम्मू कश्मीर इकाई निकालती है। यह यात्रा जम्मू से ही प्रारंभ होती है। यात्रा को हरिद्वार से शुरू करने का विचार तक कभी नहीं हुआ। केदारनाथ की यात्रा शुरू करने की बात अवश्य वैचारिक स्तर पर आई थी, जो आगे नहीं बढ़ी। शिवम पुरी आदि ने न केवल मर्यादा तोड़ी बल्कि बिना अनुमति अखाड़ा परिसर में वेद ज्योतिष अनुसंधान केंद्र की भी स्थापना की। इसे तत्काल हटाने के आदेश दिए गए हैं। जिन बाबाओं अखाड़ों के नियमों की अवहेलना की होगी, पदाधिकारियों के लौटने पर उनके खिलाफ जांच की जाएगी। श्रीमहंत हरि गिरि ने बताया कि इस समय सभी अखाड़े प्रयाग अर्द्घकुंभ की तैयारियों में जुटे हुए हैं। बार-बार श्रीमहंतों को विभिन्न स्थानों से प्रयाग की यात्रा करनी पड़ रही है। संतों की इस व्यस्तता के दौरान जो भी व्यवधान डालने का प्रयास करेगा उसे सबक सिखाया जाएगा।