गैरसैंण। गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने और प्रदेश में नशा नहीं रोजगार देने की मांग को लेकर राइट टू इंप्लायमेंट एंड हेल्थ आंदोलन संगठन के लोगों की भूखहड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। तहसील प्रशासन ने आंदोलनकारियों से वार्ता की, लेकिन आंदोलनकारियों ने सीएम से वार्ता का समय निर्धारित करने और मांगों पर कार्रवाई के लिखित आश्वासन की मांग की। इस कारण वार्ता विफल रही। आंदोलनकारियों ने कहा कि यदि जल्द मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो गैरसैंण से लेकर भराड़ीसैंण विधानसभा तक पदयात्रा निकाली जाएगी। डॉक्टरों ने उनका स्वास्थ्य जांचा जिसमें आंदोलनकारियों के स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज की गई।
रामलीला मैदान में भूखहड़ताल पर बैठे संगठन के प्रवीण सिंह, रामकृष्ण तिवारी, महेश चंद्र पांडे और विनोद जुगलान ने कहा कि पहाड़ में राजधानी होने से ही पहाड़ में रोजगार के अवसर बनेंगे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की डा. आकांक्षा सहित अन्य कर्मियों ने आंदोलनकारियों का स्वास्थ्य जांचा। डा. आकांक्षा ने बताया कि आंदोलनकारियों के वजन में मामूली गिरावट आई है। वहीं शाम पांच बजे एसडीएम स्मृता परमार ने आंदोलनकारियों से आंदोलन समाप्त करने की बात कही, लेकिन वार्ता विफल रही। वहीं आंदोलन को कई संगठनों ने अपना समर्थन दिया। उत्तराखंड अधिवक्ता संघ के गोविंद सिंह भंडारी, जीवन सिंह, डूंगर सिंह, दयाकृष्ण, रजनीश सुयाल सहित उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आंदोलन को समर्थन देकर जल्द मांगों पर कार्रवाई की मांग की।