देवाल। जिला स्तर पर होने वाले महाकुंभ के जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों का गैर जिम्मेदाराना रवैया सामने आया है। महाकुंभ में प्रतिभाग कराने के लिए छात्र-छात्राओं को लेकर गए शिक्षकों ने वापसी के दौरान उन्हें रात में बीच रास्ते में घर जाने के लिए छोड़ दिया। ऐसे में छात्र-छात्राएं कई किमी पैदल चलकर रात नौ बजे अपने घरों को पहुंचे। शनिवार को आयोजित जीआईसी देवाल की पीटीए बैठक में अभिभावकों ने यह मुद्दा उठाया और लापरवाह अधिकारियों और शिक्षकों पर कार्रवाई करने की मांग की।
शुक्रवार को जिले के पीपलकोटी में हुए खेल महाकुंभ में ब्लाक से चयनित 48 स्कूली बच्चों ने प्रतिभाग किया था। ब्लाक स्तर से तीन अध्यापकों की देख-रेख में इन बच्चों को भेजा गया था। तीन दिसंबर से शुरू हुई इस प्रतियोगिता में युवा कल्याण विभाग को सुविधाएं देने की जिम्मेदारी दी गई थी, जिसमें प्रतिभागियों के आने-जाने के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं भी शामिल थीं। शुक्रवार को खेल के समापन के बाद शाम को बच्चों को घर छोड़ा जाना था। शिक्षक उन्हें घर छोड़ने के लिए बस में लेकर तो गए, लेकिन गंतव्य तक न छोड़कर देवाल मुख्यालय तक बीच रास्ते में ही छोड़ दिया, जिससे छात्र-छात्राएं वहां से 5 से 12 किमी पैदल दूरी तय कर रात नौ बजे घरों को पहुंचे। इसके बाद उन्होंने अभिभावकों को यह बात बताई। शनिवार को जीआईसी देवाल में आयोजित अभिभावक संघ की बैठक में अभिभावकों ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल उठाए। कहा कि गनीमत रही बच्चे सुरक्षित पहुंच गए, रात में कोई घटना नहीं हुई। खंड शिक्षा अधिकारी बीसी मिश्रा का कहना है कि बच्चों के साथ ब्लाक से तीन शिक्षकों को भेजा गया था। अब बच्चों को रास्ते में छोड़ने की अभिभावकों की शिकायत मिली है। मामले में जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अभिभावक संघ के अध्यक्ष बलवंत आगरी, गोविंद बिष्ट, बलवंत सिंह, उमेश मिश्रा, दीपा रावत, पार्वती देवी, गणेशी देवी, कमला देवी, देव सिंह, सुशीला देवी, गोपाल सिंह, पूरन चंद्र, सीता देवी, सरिता देवी, महिपाल राम, मधुबाला शामिल थे।