ग्रामीण विकास कार्यक्रम में भी सहयोग देगा एम्स
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
देव संस्कृति विश्वविद्यालय और एम्स प्रशासन शोध के परिणामों और शैक्षणिक गतिविधियों को एक-दूसरे से साझा करेंगे। दोनों संस्थाओं का इसके लिए पांच साल का करार हुआ है। इसका लाभ चिकित्सा क्षेत्र में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं और मरीजों को मिलेगा।
हरिपुर कलां स्थित देव संस्कृति विवि में मंगलवार को एम्स निदेशक प्रोफेसर डा. रवि कांत और देव संस्कृति यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डा. चिन्मय पांड्या ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। निदेशक प्रो. रवि कांत ने बताया कि दोनों संस्थान रिसर्च के क्षेत्र में एक-दूसरे के छात्र-छात्राओं को सहयोग देंगे। शोध के विषयों पर आपसी सहमति बनाकर उसके परिणामों को भी साझा करेंगे।
बताया कि करार में शैक्षणिक क्षेत्र में फैकल्टी का गेस्ट लेक्चर, कार्यशाला, हेल्थ हाइजिन, न्यूट्रीशन और योग के क्षेत्र में एक-दूसरे के अनुभवों का लाभ लेना भी शामिल है। इसके साथ ही देव संस्कृति विश्वविद्यालय के ग्रामीण विकास कार्यक्रम के लिए एम्स मेडिकल संस्थान सेवाएं उपलब्ध कराएगा। प्रो. रवि कांत ने बताया कि एम्स में आयुष विभाग के अंतर्गत योग, आयुर्वेद, होम्योपैथी विभाग कार्यरत हैं, जिनकी ओपीडी सेवाओं का लाभ मरीजों को मिल रहा है। पांच साल के लिए किए गए करार से मरीजों और छात्र-छात्राओं का खासा लाभ प्राप्त होगा।