श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से संबद्ध बेस अस्पताल में कई महत्वपूर्ण रक्त परीक्षण नहीं हो पा रहे हैं। इसके चलते मरीजों को निजी लैब मेें महंगे शुल्क पर परीक्षण करवाना पड़ रहा है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि निजी लैबों में एक ही मरीज का टेस्ट का रिजल्ट अलग-अलग आ रहे हैं। अस्पताल में टेस्ट न होने पर चिकित्सा शिक्षा निदेशक प्रो.आशुतोष सयाना ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने संबंधित विभागाध्यक्षों को तत्काल टेस्ट शुरू करवाने के निर्देश दिए हैं।
बेस अस्पताल की बायोकेमिस्ट्री लैब में पिछले डेढ़ माह से एलएफटी (लीवर फक्शनिंग टेस्ट) और इलेक्ट्रोलाइट्स (सोडियम, पोटेशियम, क्लोराइड) टेस्ट बंद है। हालांकि, गत दिवस चिकित्सा शिक्षा निदेशक के निरीक्षण के बाद अस्पताल में एलएफटी शुरू हो गया है, लेकिन इलेक्ट्रोलाइट्स टेस्ट अभी भी बंद हैं। अस्पताल में उक्त टेस्ट 100 रुपये का होता है, लेकिन निजी लैब में 500 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। उक्त टेस्ट अस्पताल की इमरजेंसी, मेडिसिन या अन्य वार्ड में आने वाले लगभग हर मरीज का कराया जाता है। इमरजेंसी वार्ड के चिकित्सकों ने भी इस समस्या को चिकित्सा शिक्षा निदेशक के समक्ष रखा है।
इसी प्रकार बेस अस्पताल में स्क्रब टाइफस, एचसीवी और ब्लड शुगर की जांच के लिए होने वाला एचबी1एसी टेस्ट भी बंद है। बाजार में उक्त जांचों के लिए मोटी रकम चुकानी पड़ रही है। समस्या यह है कि निजी लैबों की जांच के रिजल्ट समान नहीं आ रहे हैं। ऐसे में मरीज परेशान हैं, किसी की जांच पर भरोसा किया जाए।
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फोन पर बायोकेमिस्ट्री विभागाध्यक्ष से बात हुई है। उन्होंने बताया है कि कैमिकल नहीं है। विभागाध्यक्ष को तत्काल टेस्ट शुरू कराने के लिए कहा गया है। प्रो. आशुतोष सयाना, निदेशक चिकित्सा शिक्षा उत्तराखंड