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पालिका के खिलाफ दूसरे दिन भी जारी रहा धरना
-- सर्वदलीय संघर्ष समिति ने शहर से कूड़े का डंपिंग हटाने की उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
सर्वदलीय संघर्ष समिति, ऋषिकेश की ओर से नगर पालिका परिसर में शहर के बीचोंबीच बनाए गए कूड़ा डंपिंग केंद्र को अन्यत्र शिफ्ट करने और डंप किए गए कूड़े के निस्तारण की मांग को लेकर शुक्रवार को दूसरे दिन भी धरना जारी रहा। समिति ने पालिका प्रशासन पर स्वच्छता के मामले में एनजीटी के नियमों को दरकिनार करने का आरोप लगाया।
नगर पालिका ऋषिकेश द्वारा शहर के बीचोंबीच डंप किए गए कूड़े के ढेर को हटाने की मांग को लेकर सर्वदलीय संघर्ष समिति का निकाय के खिलाफ दूसरे दिन भी धरना जारी रहा। समिति के संयोजक वीरेंद्र शर्मा ने कहा कि नगर पालिका द्वारा अस्थायी ट्रंचिंग ग्राउंड से कूड़ा निस्तारण के टेंडर किए हैं, लेकिन उसमें स्पष्ट नहीं किया गया कि कूड़ा उक्त स्थान पर डंप किया जाएगा या नहीं। कहा कि पालिका को उक्त जगह पर कूड़ा गिराना बंद करना होगा।
उन्होंने बताया जब तक शहर के बीचोंबीच कूड़ा गिराना बंद नहीं किया जाता है, तब तक पालिका के विरुद्ध आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने पालिका के अधिकारियों पर एनजीटी के गंगा से पांच सौ मीटर के दायरे में गंदगी डालने पर रोक के नियम की अनदेखी का आरोप लगाया है। कहा कि नगर पालिका द्वारा गंगा से महज 60 मीटर की दूरी पर कूड़ा गिराए जाने से मोक्षदायिनी गंगा प्रदूषित हो रही है। कहा कि शहर के बीच जमा कूड़े से उठने वाली बदबू से तीर्थनगरी के लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। कूड़ा निस्तारण की उचित व्यवस्था होने तक नगर पालिका प्रशासन के विरुद्ध धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस अवसर पर महंत विनय सारस्वत, जयेंद्र रमोला, शिवमोहन मिश्र, मदन मोहन शर्मा, प्यारे लाल जुगलाण, हरीश आनंद, सैय्यद मुमताज हाशिम काजमी, जितेंद्र अग्रवाल, विमला रावत, उमा देवी आदि मौजूद थे।