गोपेश्वर। यहां पीजी कालेज की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर बुधवार को प्रशासन हरकत में आ गया। पुलिस बल की मौजूदगी में चिह्नित अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया गया। अभियान के दौरान अतिक्रमणकारियों ने मजदूरों के गैंती फावड़े छीनने की कोशिश की। पुलिस ने मामले में दो लोगों को हिरासत में ले लिया।
बता दें कि पीजी कालेज के छात्र लंबे समय से अतिक्रमण को हटाने के लिए आंदोलनरत थे। विगत 13 नवंबर को उन्होंने गोपेश्वर-चमोली मोटर मार्ग पर जाम लगाया था। तब मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर परमानंद राम ने छात्रों को एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमण को चिन्हित कर ध्वस्त करने का आश्वासन दिया था। बुधवार को शाम तीन बजे से इलाहाबाद बैंक के समीप से अतिक्रमण हटाने का काम शुरू हुआ। यहां एक खोखे को हटाया गया। इसके बाद यहां अवैध रुप से किए गए निर्माण को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान शांतिभंग होने की आशंका से भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस उपाधीक्षक हरवंश सिंह, एसडीएम परमानंद राम, महाविद्यालय प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
अतिक्रमणकारियों और प्रशासन के अधिकारियों के बीच कई बार तीखी नोक-झोंक भी हुई। अभियान शाम साढ़े पांच बजे तक भी चला। अतिक्रमण चिह्नीकरण की कार्रवाई पूर्व में राजस्व विभाग की ओर से की गई थी। पुलिस लाइन के समीप अतिक्रमण हटाने के दौरान अतिक्रमणकारियों द्वारा मजदूरों के गैंती फावड़े छीनने की कोशिश की गई। पुलिस ने ऐसे दो अतिक्रमणकारियों को हिरासत में ले लिया। एसडीएम परमानंद राम ने बताया कि जीआईसी गोपेश्वर से लेकर पुलिस लाइन तक, जहां भी महाविद्यालय की भूमि पर अतिक्रमण मिलेगा, उसे ध्वस्त किया जाएगा।
महाविद्यालय में किया गया था अवकाश
गोपेश्वर। अतिक्रमण हटाने के दौरान शांतिभंग होने की आशंका से महाविद्यालय में अवकाश किया गया था। सुरक्षा को देखते हुए जिले के विभिन्न थानों और चौकियों से पुलिस बल मंगवाया गया था। एसडीएम के मौके पर देरी से पहुंचने के कारण अतिक्रमण हटाने का काम करीब दो घंटे देरी से शुरू हुआ।