श्रीनगर। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने वन रैंक-वन पेंशन देने की मांग दोहराई है। उन्होंने रोष जताया कि इस मसले पर 8 अक्तूबर को दिल्ली में एनसीसी (राष्ट्रीय समन्वय समिति) की बैठक हुई थी, लेकिन इस पर सरकार की ओर से कोई फैसला नहीं लिया गया।
शनिवार को एसएसबी कला केंद्र में हुई पूर्व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कार्मिक संगठन की बैठक की अध्यक्षता करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष जय सिंह रावत ने कहा कि सीपीसी कैंटीन को जीएसटी मुक्त किया जाए। जीएसटी लगने से कैंटीन में सामान महंगा हो गया है। वक्ताओं ने सरकार से सीजीएचएस की प्रक्रिया को सरल बनाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि जटिल प्रक्रिया होने से इलाज में देरी हो जाती है। उन्होंने अर्द्धसैनिक बलों के बच्चों के एडमिशन फीस में डिस्काउंट करने, 2004 के बाद बंद पेंशन स्कीम को बहाल करने, मेडिकल अलाउंस 5 हजार रुपये करने और ड्यूटी के दौरान मारे गए अर्द्धसैनिकों को शहीद का दर्जा देने की भी मांग की।
इस अवसर पर बताया गया कि 8 दिसंबर को सीमाद्वार देहरादून में संगठन की प्रांतीय बैठक होगी। इसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत शिरकत करेंगे। बैठक में राजेंद्र कप्रवाण, सते सिंह रावत, केशवानंद बहुगुणा, कीर्ति सिंह, चंदन सिंह और सीताराम जुयाल मौजूद थे।