अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
नगर निगम के वार्ड 16 खड़खड़ी के पार्षद सतेंद्र वर्मा ने भूपतवाला प्राइमरी पाठशाला की भूमि को खुर्द-बुर्द करने के प्रकरण में नया मोड़ दिया है। उनका आरोप है कि निगम से ही इस संपत्ति के अभिलेख गायब कराए हैं। दो साल पहले भूमि के अभिलेख उर्दू भाषा के संपत्ति अभिलेखों में मिला था। यह भी पता चला था कि स्कूल के साथ बची भूमि को तत्कालीन नगरपालिका ने सवा लाख रुपये में खरीदा था। उसके बाद ही उसमें पानी की टंकी का निर्माण किया गया।
पार्षद का आरोप है कि नगर निगम की भूमि को ठिकाने लगाने के उद्देश्य ही स्कूल का मेन गेट तोड़कर एक निजी भवन स्वामी के लिए विधायक निधि से सड़क का निर्माण कराया गया था। स्कूल परिसर के अंदर विधायक निधि से सड़क बनाने से छात्रों की पढ़ाई बाधित हुई है। सड़क के बनने के बाद भाजपा नेता ने पानी की टंकी के नीचे ही अवैध रूप से गोशाला बना ली थी। पार्षद का मानना है कि भाजपा नेता को जब नगरपालिका का सभासद नामित किया गया था, तब से ही वह इस संपत्ति को ठिकाने लगाने के प्रयास में जुट गए थे, जिसमें कुछ अधिकारी तथा कर्मचारी भी उनसे मिले हुए हो सकते हैं। सहायक नगर आयुक्त पीके बंसल ने इस भूमि के संबंध में एक और रोचक जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जब वह जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) में थे तो उस समय बीएसयूपी की आवास योजना इसी स्कूल के परिसर की खाली भूमि पर बनाने का प्रस्ताव आया था, किंतु कुछ विवाद की स्थिति में योजना को पांडेवाला ज्वालापुर में शिफ्ट करना पड़ा था।