जोशीमठ। ऑलवेदर रोड को लेकर सोमवार को तहसील प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच हुई अंतिम बैठक बेनतीजा रही। इससे पहले तहसील में दो बार हुई बैठक में भी योजना के क्रियान्वयन पर कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया था। जोशीमठ के लोग ऑलवेदर रोड को वाया जोशीमठ बनाने की जिद पर अड़े रहे। स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि ऑलवेदर रोड योजना के तहत बदरीनाथ हाईवे का निर्माण हेलंग से मारवाड़ी तक करने का विरोध कर रहे हैं। हालांकि एसडीएम ने कहा कि लोगों के सुझाव शासन को भेजे जाएंगे। वहीं बीआरओ ने कहा कि हेलंग से मारवाड़ी तक ऑलवेदर रोड बनने से बदरीनाथ की दूरी 21 किमी कम हो जाएगी।
सोमवार को तहसील सभागार में एसडीएम योगेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में ऑलवेदर रोड योजना की अंतिम बैठक में जोशीमठ निवासी अतुल सती ने कहा कि ऑलवेदर रोड योजना से यदि जोशीमठ को नहीं जोड़ा गया तो नगर के व्यवसाय और पर्यटन पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। वहीं, ब्लॉक प्रमुख प्रकाश रावत ने कहा कि हेलंग से मारवाड़ी तक हाईवे का चौड़ीकरण कार्य किया जाए।
बैठक में मौजूद सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधिकारी एसडी नौटियाल ने कहा कि यदि ऑलवेदर रोड का निर्माण हेलंग से मारवाड़ी तक होता है तो बदरीनाथ की दूरी 21 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। एसडीएम योगेंद्र सिंह ने कहा कि बैठक में स्थानीय लोगों की ओर से आए सुझावों को शासन को भेजा जाएगा। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष रोहिणी रावत, तहसीलदार चंद्रशेखर वशिष्ठ, नैन सिंह भंडारी, अमित सती, लक्ष्मण सिंह, ठाकुर सिंह, रामेश्वर प्रसाद थपलियाल, कृष्णमणि थपलियाल सहित कई लोग मौजूद थे।
श्रीनगर में ऑलवेदर रोड के लिए पेड़ों का कटान शुरू
श्रीनगर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना ऑलवेदर रोड का काम शुरू हो गया है। प्रथम चरण में उफल्डा (कीर्तिनगर पुल) से फरासू तक बदरीनाथ नेशनल हाईवे के 10 किलोमीटर पैच में पेड़ों का कटान शुरू हो गया है। लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अनुसार फरासू से देवप्रयाग तक पेड़ों का कटान होने के बाद चौड़ीकरण काम शुरू कर दिया जाएगा।
ऑलवेदर रोड परियोजना में ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग भी सम्मिलित है। इस राजमार्ग का डेढ़ दशक से डबल लेन में उच्चीकरण का कार्य भी चल रहा है। अभी यह सड़क 5 से 7 मीटर चौड़ी है। ऑलवेदर रोड परियोजना में राजमार्ग को 18 मीटर चौड़ा किया जाना है। इसमें से 10 मीटर चौड़ाई मेें ब्लैक टॉप (डामरीकरण) होना है। इस कार्य को टू लेनिंग विद पेव्ड शोल्डर (पक्के आधार के साथ डबल लेन सड़क) का नाम दिया गया है। लंबी इंतजारी के बाद हाईवे किनारे पेड़ों का कटान शुरू हो गया है। इन दिनों श्रीकोट और भक्तियाना में सड़क के दोनों ओर पेड़ों का कटान चल रहा है।
लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के ईई जितेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि उफल्डा से फरासू तक वन भूमि हस्तांतरण की मंजूरी मिलने के बाद पेड़ कटवाए जा रहे हैं। फरासू से देवप्रयाग तक मार्ग एक पैकेज में है। कीर्तिनगर से देवप्रयाग के बीच भी वन भूमि हस्तांतरण की अनुमति भी शीघ्र मिलने की उम्मीद है। जब पूरे पैच पर पेड़ कट जाएंगे, एजेंसी चौड़ीकरण काम शुरू कर देगी।
कटान के कारण गुल रही बिजली
श्रीनगर (ब्यूरो)। फरासू से उफल्डा के बीच पेड़ों के कटान के कारण श्रीकोट और भक्तियाना के बीच दिन भर विद्युत आपूर्ति बाधित हो रही है। 17 से 21 नवंबर के बीच शहर क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। ऊर्जा निगम के एसडीओ मनोज अग्रवाल ने बताया कि इसके लिए रोस्टर जारी किया गया है।
चिन्यालीसौड़ में प्रभावितों ने दी बहिष्कार की चेतावनी
चिन्यालीसौड़। नगर पालिका वार्ड-7 के लोगों ने उचित मुआवजा नहीं मिलने पर ऑलवेडर रोड का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।
सोमवार को व्यापार मंडल अध्यक्ष राकेश मेहरा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रभावितों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके घर, दुकानें और कृषि भूमि ऑलवेदर रोड की जद में आने से उनके सामने भुखमरी के हालात पैदा हो जाएंगे। ऐसे में उन्होंने सरकार से उन्हें सर्किल रेट से आठ गुना अधिक मुआवजा देने, भवनों की लागत का पूरा भुगतान करने तथा योग्यतानुसार प्रत्येक परिवार के सदस्य को नौकरी देने की मांग की है। चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुुई तो वे योजना का विरोध करने के साथ ही कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष शूरवीर सिंह रांगड़ ने कहा कि प्रभावित जनहित के लिए बन रही ऑलवेदर रोड का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन इसके बनने में हो रहे नुकसान के बदले उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए। बैठक में किशन पंवार, बलबीर रांगड़, राजेंद्र जोशी, सुरेंद्र, बलबीर नेगी, राजेंद्र पंवार, गोविंद रावत, राकेश सेमवाल, रणबीर आदि मौजूद थे।