श्रीनगर। एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विवि के वित्त अधिकारी पद्माकर मिश्र पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है। विवि के कुलपति ने कमेटी से 15 दिन में रिपोर्ट पेश करने को कहा है। साथ ही कहा गया कि यदि आरोप सही नहीं पाए गए तो आरोप लगाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
कुलपति प्रो. जेएल कौल ने प्रो. एआर नौटियाल की अगुवाई में चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है, जिसमें एनआईटी उत्तराखंड के रजिस्ट्रार कर्नल सुखपाल सिंह, प्रो. आरसी डंगवाल और प्रो. एसके श्रीवास्तव सदस्य हैं। कुलपति ने बताया कि कमेटी कर्मचारियों के आरोपों के क्रम में जांच करेगी। वहीं विवि के कर्मचारियों के एक गुट ने कमेटी पर भरोसा नहीं जताया है। उनका कहना है कि कमेटी में शिक्षकों के बजाय ऐसे प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया जाए, जिनको डीओपीटी (पेंशन संबंधी) की जानकारी हो। इसे लेकर उन्होंने प्रशासनिक भवन के समक्ष एक घंटे धरना दिया। शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद के पूर्व अध्यक्ष नरेश खंडूड़ी, पूर्व महासचिव मनोज रतूड़ी, सतीश थपलियाल और रवींद्र सिलवाल ने कहा कि जब तक जांच चलती है, वित्त अधिकारी के अधिकार सीज रहें।
..........
अन्य भी आ सकते है जांच के दायरे में
श्रीनगर। वित्त अधिकारी के वेतन के रुप में ज्यादा धनराशि के मामले में अन्य अधिकारी/कर्मचारी भी जांच के दायरे में आ जाएंगे। अगर वित्त अधिकारी की बात सही साबित हुई, तो विवि के प्रशासन अनुभाग के ऊपर सारी जिम्मेदारी आ जाएगी। वित्त अधिकारी मिश्र पहले ही साफ कर चुके हैं कि उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद विवि प्रशासन को इसकी सूचना दे दी थी, लेकिन उनके पत्र पर कार्रवाई नहीं की गई।
क्या है मामला
वित्त अधिकारी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से पेंशन प्राप्त किए जाने की बात गढ़वाल विवि प्रशासन से एक वर्ष तक छुपाए रखी। वित्त अधिकारी डा. पदमाकर मिश्र 01 अगस्त 2016 से दिल्ली विवि से पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, जबकि वह गढ़वाल विवि से भी वेतन के रूप में पूरी धनराशि ले रहे थे जो कि नियमानुसार गलत है। डा. पदमाकर मिश्र दिल्ली विवि में सयुक्त रजिस्टार पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।