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प्रधानमंत्री जी सात साल में 60 किलोमीटर हाइवे नहीं बना

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रतनमणी डोभाल
हरिद्वार।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दावा किया कि उनकी सरकार ने तीन साल में 34 हजार किलोमीटर नेशनल हाईवे का निर्माण किया है। प्रधानमंत्री का दावा कम से कम हरिद्वार में तो मुंह चिढ़ा रहा है। यहां सात साल में 60 किमी सड़क का भी निर्माण नहीं हो पाया है। राष्ट्रीय राजमार्ग 58 को फोरलेन का बनाने की रफ्तार को देखते हुए यह काम आने वाले सात वर्षों में भी पूरा होगा, इस पर संदेह जताया जा रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 58 को फोरलेन का बनाने के लिए 6 अप्रैल 2010 को एनएचएआई ने भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी कर दी थी। तब से सात साल में फोरलेन का निर्माण होना तो दूर अधिग्रहीत भूमि से अतिक्रमण तक नहीं हटाया जा सका है। एनएचएआई ने कार्यदायी संस्था को दिसंबर तक फोरलेन का काम पूरा करने का अल्टीमेटम दे रखा है, जिसमें अब केवल दो महीने ही बचे हैं। चौड़ीकरण के चलते हाईवे क्षतिग्रस्त पड़ा है। गहरे गड्ढों में कई लोग दुर्घटना का शिकार होकर अपनी जान गंवा चुके हैं। जिलाधिकारी ने हाईवे पर दुर्घटना में मौत होने पर मुकदमा दर्ज कराने का ऐलान भी किया था, परंतु वह भी ऐसा नहीं कर पाए हैं।
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न चौड़ीकरण हुआ न फ्लाईओवर बने
पुल जटवाड़ा ज्वालापुर से उत्तरी हरिद्वार में सप्तऋषि तक न हाईवे चौड़ीकरण का काम हुआ न फ्लाईओवर और गंगा नदी पर बनने वाले पुल व पुलिया का काम ही कंपलीट हो पाया है। सिंहद्वार का फ्लाईओवर अप्रैल तक बनने का दवा भी हवा में ही है। शंकराचार्य चौक पर तो अभी तक काम ही शुरू नहीं हो पाया है। चंडी चौक, दूधाधारी चौक के फ्लाईओवर भी अधर में हैं। हरकी पैड़ी के सामने केबिल स्टैंड पुल सहित चार पुलों को निर्माण होना है, परंतु कुछ भी हुआ नहीं है।
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सर्विस लाइनों को भी शिफ्ट नहीं किया गया
फोरलेन बनना तो दूर सात साल में एनएचएआई शहरी क्षेत्र में पानी, बिजली, सीवर, टेलीफोन की सर्विस लाइनों को भी शिफ्ट नहीं करा पाया है। हाईवे से आवासीय कालोनियों की सड़कों की एप्रोच तथा नालों को निर्माण लटका है और शहरवासी परेशान हैं।
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