गोपेश्वर। वर्ष 2015 में चमोली जिले के लिए स्वीकृत नर्सिंग कॉलेज का भवन दो वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। नर्सिंग कॉलेज गोपेश्वर की बीएससी नर्सिंग की कक्षाओं का संचालन टिहरी में किया जा रहा है। ऐसे में नर्सिंग कोर्स करने वाले चमोली, रुद्रप्रयाग और आस-पास के छात्रों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
चिकित्सा शिक्षा निदेशालय की ओर से वर्ष 2015 में गोपेश्वर के पठियालधार में नर्सिंग कॉलेज की स्वीकृति दी गई। निदेशालय की ओर से उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को विद्यालय भवन और छात्रावास निर्माण के लिए 18 लाख की धनराशि दी गई। निदेशालय की ओर से निर्माण निगम के साथ किए गए अनुबंध के मुताबिक भवन निर्माण कार्य वर्ष 2016 के जून माह में पूरा किया जाना था, लेकिन एक वर्ष से अधिक होने के बाद भी भवन निर्माण कार्य आधा-अधूरा पड़ा है। शैक्षिक सत्र 2016-17 में नर्सिंग कॉलेज गोपेश्वर के 60 छात्र-छात्राओं की कक्षाओं का संचालन टिहरी में किया जा रहा है। बहुगुणा विचार मंच के संयोजक हरीश पुजारी और सुरेंद्र भंडारी का कहना है कि सरकार की ओर से जिले के गरीब परिवारों के युवक और युवतियों को कम खर्च में व्यावसायिक शिक्षा देने के लिए नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की गई थी, लेकिन निर्माण एजेंसी की लापरवाही कारण छात्रों और अभिभावकों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से पठियालधार में भवन को खाली नहीं किया जा सका था। इसके चलते निर्माण कार्य देरी हुई है। अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से भवनों को खाली करवा दिया गया है। आगामी सितंबर माह तक भवन निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। - एएस पटवाल, अवर अभियंता, उत्तर प्रदेश निर्माण निगम।
उत्तर प्रदेश निर्माण निगम की ओर से नर्सिंग कॉलेज गोपेश्वर के निर्माण के लिए जिला प्रशासन से अतिरिक्त समय मांगा गया है। यदि निगम या निर्माणदायी संस्था की ओर से निर्माण कार्य में लापरवाही की जा रही है, तो मामले को दिखवाया जाएगा और संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - आशीष जोशी, जिलाधिकारी, चमोली।