अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
राष्ट्रीय राजमार्ग 58 के चौड़ीकरण योजना में अधिग्रहीत भूमि से अतिक्रमण नहीं हटाए जाने से कई स्थानों पर चौड़ीकरण के साथ ही बिजली, पानी, सीवर आदि लाइनों की शिफ्टिंग का काम मोतीचूर से रुड़की तक अटका हुआ है। स्थिति यह है कि दो साल पहले चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहीत भूमि से हटाया गया अतिक्रमण फिर पसर गया है। चौड़ीकरण की राह में कई होटल तथा मंदिर भी रोडा बने हुए हैं।
मोतीचूर रेलवे फाटक के पास अतिक्रमण नहीं हटाने से फ्लाईओवर के साथ नाला निर्माण नहीं हो पा रहा है। सप्तऋषि में हाईवे की बीच में आई पुलिस चौकी भी नहीं हटाई जा सकी है। देव संस्कृति विश्वविद्यालय के पास एक होटल ने दोनों ओर से नाला निर्माण रोक रखा है। नाले के बाद सीवर, पानी, बिजली, टेलीफोन की लाइनों के लिए जगह नहीं है। भूपतवाला में एक आश्रम ने पूरे सिस्टम को ठेंगा दिखाते हुए दो साल पहले जो अतिक्रमण तोड़ा गया था, वह फिर से बन गया है। हाईवे चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहीत भूमि पर फिर से अतिक्रमण कर नया निर्माण करा दिया गया है और प्रशासन तथा एचआरडीए के अधिकारी मूकदर्शक बने बैठे देख रहे हैं। इस अवैध निर्माण से सड़क बनना तो दूर दोनों ओर से नालों को निर्माण भी अधूरा छोड़ दिया गया है। दूधाधारी चौक पर कई होटलों का अतिक्रमण होने से सीवर, पानी, बिजली, टेलीफोन की लाइनों की शिफ्टिंग का काम नहीं हो पा रहा है।
हाईवे चौड़ीकरण को लेकर भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना 6 अप्रैल 2010 और 12 अप्रैल 2010 में किसी प्रकार का संशोधन नहीं हुआ है। मोतीचूर नदी पुल के बाद सड़क से लेकर पावनधाम पुराना आरटीओ चौराहे की सीमा तक प्रस्तावित नाला निर्माण के बराबर सीवर लाइन, पेयजल लाइन, टेलीफोन लाइनों के बिछाने के लिए 2-2 मीटर की भूमि का प्रावधान हैं। लेकिन इस पूरे क्षेत्र के अनेक स्थानों पर अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। विवेकश्वर मंदिर के कुछ भाग से भी अतिक्रमण हटाया जाना है। - पीएस गुसाईं, परियोजना निदेशक राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण