अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
भाजपा की अंदरूनी कलह और गुटबाजी ने नगर निगम का परिसीमन लटका दिया है। सीमा विस्तार नहीं होने का असर विकास योजनाओं के लिए केंद्र से मिलने वाली विभिन्न मदों पर पड़ेगा।
शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक तथा मेयर मनोज गर्ग नगरपालिका परिषद शिवालिकनगर को भी नगर निगम में मिलाकर सिडकुल और जिला मुख्यालय रोशनाबाद तक, इधर जगजीतपुर से आगे तक विस्तार करके पांच लाख की आबादी का नगर निगम बनाना चाहते थे, ताकि केंद्र से विकास योजनाओं के लिए अधिक पैसा लिया जा सके, लेकिन उनकी इस योजना में भाजपा के रानीपुर विधायक आदेश चौहान बाधक बन गए। वह अपने विधानसभा क्षेत्र के शिवालिकनगर को नगर निगम में शामिल नहीं होने देना चाहते। उनको भाजपा के कई और विधायकों तथा पार्टी नेताओं का भी साथ मिला है। उत्तराखंड शासन ने सोमवार को प्रदेश के नगर निकायों के परिसीमन की अधिसूचना जारी कर दी है। जिसमें नगर निगम देहरादून, हल्द्वानी व काशीपुर आदि के सीमा विस्तार, परिसीमन की अधिसूचना शामिल है। लोग नगर निगम हरिद्वार का नाम तलाशते रहे परंतु नाम नहीं मिलने से नगर निगम में शामिल होने के इच्छुक क्षेत्रों के लोगों को धक्का लगा है। उसको मान लिया जाता तो नगर निगम में 65 से 70 वार्ड होते, लेकिन भाजपा की गुटबाजी ने उस पर ब्रेक लगा दिया है।
मैंने मंत्री से साफ कह दिया था
नगर निगम के परिसीमन पर मैंने शहरी विकास मंत्री से सीधे कह दिया था कि जोड़ना है तो पूरा शिवालिकनगर सहित जोड़ों, वरना तो अभी जितना है उतना ही रहने दो। मुझे तो इसमें ही फायदा हैैै। शिवालिक नगर को छोड़ कर अन्य क्षेत्र सम्मिलित करने से विकास के लिए पैसा कहां से आएगा। केंद्र से विकास योजनाओं के लिए जो पैसा मिलता है वह सीमा विस्तार से नहीं आबादी के आधार पर मिलता है। - मनोज गर्ग, मेयर