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मानदेय न मिलने पर एमडी प्रशिक्षुओं ने जड़ा परिसर में ताला

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
दस महीने से मानदेय नहीं मिलने पर ऋषिकुल और गुरुकुल परिसर के स्ववित्त पोषित सीटों के एमडी प्रशिक्षुओं ने मुख्य गेट पर ताला बंद करने के साथ ओपीडी ठप कर दी। करीब तीन घंटे बाद तक कार्यवाहक कुलपति सहित अन्य लोगों के परिसर से बाहर नहीं निकलने पर प्रशासन में हड़कंप रहा। बाद में पुलिस की मौजूदगी में कुलपति से हुई वार्ता में मिले आश्वासन के बाद मुख्य गेट के साथ ओपीडी के गेट खोले गए। हालांकि एमडी प्रशिक्षुओं ने धरना प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है। प्रशिक्षुओं ने मानदेय पर कोई कार्रवाई न होने पर दस दिन बाद भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है।
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के ऋषिकुल और गुरुकुल परिसर में एमडी की 17 स्ववित्त पोषित सीटों पर एडमिशन है। एमडी के इन प्रशिक्षुओं को पढ़ने और प्रशिक्षण करते हुए दस महीने हो गए, लेकिन इनका मानदेय नहीं मिल सका है। जबकि इनके साथ प्रवेश पाए वित्त पोषित सीटों वाले प्रशिक्षुओं को मानदेय मिल रहा है। इससे गुस्साए छात्रों ने सोमवार से हड़ताल शुरू कर दी। मंगलवार को एमडी प्रशिक्षुओं का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने सुबह 7.30 बजे ऋषिकुल परिसर में ओपीडी के साथ मुख्य गेट पर ताला बंद कर धरने पर बैठ गए। इससे परिसर में वाहनों का आवागमन बंद हो गया और ओपीडी में दिखाने को आने वाले मरीज भी परेशान हो गए। मुख्य गेट बंद होने से परिसर के आवास में निवासरत कुलपति प्रो. एके त्रिपाठी, कुलसचिव प्रो. आरपी गक्खर आदि बाहर नहीं निकल सके। सूचना पर सीओ प्रकाश देवली के साथ नगर कोतवाली के एसएसआई केदार सिंह चौहान मय पुलिस के पहुंचे। बाद में कुलपति प्रो. एके त्रिपाठी के साथ परिसर निदेशक कार्यालय में प्रशिक्षुओं की वार्ता हुई। जिसमें कुलपति ने दस दिन में उनके मानदेय पर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रशिक्षुओं ने मुख्य गेट और ओपीडी पर लगा ताला खोल दिया, लेकिन अगले दस दिनों तक के लिए प्रशासनिक भवन के सामने हड़ताल पर बैठ गए। हड़ताल का नेतृत्व कर डा. विशाल गांधी ने कहा कि लिखित में कोई आश्वासन न मिलने पर दस दिनों तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। इस दौरान कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे भूख हड़ताल शुरू कर देंगे। इस मौके पर डा. इस्पिता, डा. चेतन मंगवाल, डा. इंद्रजीत, डा. निधि, डा. ज्योत्सना, डा. सीमा, डा. रौनक, डा. यशपाल, डा. प्रशांत, डा. भानुप्रिया, डा. ऋतु आदि शामिल हुए।
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एमडी प्रशिक्षुओं का मानदेय मिलना चाहिए। विश्वविद्यालय प्रशासन को कई बार प्रशिक्षुओं की समस्या से अवगत कराया, लेकिन मानदेय भेजना विवि प्रशासन के हाथ में होता है। प्रशिक्षुओं को कुलपति की ओर से आश्वासन दिया गया है, लेकिन अब उनकी हड़ताल शांतिपूर्वक जारी है।
- प्रो. सुनील जोशी, निदेशक ऋषिकुल परिसर।
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