गोपेश्वर। मजोठी गांव भू-धंसाव के कारण गांव के मकान और खेतों में दरारें आने लगी हैं। स्थिति यह है कि भू-धंसाव के कारण दो मकान ध्वस्त हो गए हैं जबकि 138 मकानों में दरारें आ गई हैं। यही नहीं कृषि भूमि में भी दरारें आने लगी हैं। पूरे गांव पर खतरा मंडराने लगा है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से शीघ्र गांव के पुनर्वास की मांग उठाई।
ग्राम पंचायत मजोठी में 31 अगस्त को मूसलाधार बारिश हुई थी, जिसके बाद से गांव में जगह-जगह भू-धंसाव हो रहा है। ग्रामीण मंगसीर सिंह और हिम्मत सिंह के मकान ध्वस्त हो गए हैं, जबकि गांव के अन्य 138 मकानों में दरारें आ गई हैं। जिला पंचायत सदस्य ऊषा रावत और ग्राम प्रधान पुष्पा देवी का कहना है कि अब चटख धूप के बाद भी लगातार गांव में भू-धंसाव हो रहा है। इसकी चपेट में कई नाली कृषि भूमि भी आ गई है। वहीं चमोली के एसडीएम परमानंद राम का कहना है कि ग्रामीणों की सूचना पर तीन सितंबर को मजोठी गांव में राजस्व निरीक्षण की टीम भेजी गई थी, अभी तक टीम की ओर से रिपोर्ट नहीं मिली है। गांव का जल्द ही भूगर्भीय सर्वे कराया जाएगा।