अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) की ओर से आयोजित परीक्षण शिविर में जरूरतमंदों की भीड़ उमड़ी। सुबह दस बजे शुरू हुए शिविर में शाम तक 95 से अधिक लोग शिविर में पहुंचे। जहां जरूरतमंदों का परीक्षण कर उपकरण बनाने के लिए नापजोख की गई।
केंद्र सरकार की राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों (बीपीएल श्रेणी) के नित्यजीवन सहायक उपकरणों के निशुल्क वितरण के लिए परीक्षण शिविर नगर निगम के टाउन हॉल में किया गया। जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग की ओर से शिविर के आयोजन में सहयोग किया गया।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अधीन इस योजना में जरूरतमंदों को चश्मा, कृत्रिम दांत, बीटीई, कान की मशीन, व्हीलचेयर, ट्राइपॉड, एक्सिला, एल्बो बैसाखी, समेत अन्य सामान उपलब्ध कराए जाने हैं। यहां पहुंचे जरूरतमंदों का शिविर में आए चिकित्सकों ने परीक्षण किया। 20 दिन जरूरतमंदों को उपकरण दिए जाएंगे।
निराश होकर लौटे कई लोग
हरिद्वार। इस योजना में वरिष्ठ नागरिकों को ही उपकरण देने थे, लेकिन कई लोग ऐसे भी पहुंच गए जो इस श्रेणी में नहीं आते हैं। जिलेभर में 81 हजार वरिष्ठ श्रेणी में समाज कल्याण विभाग में दर्ज है। लेकिन जरूरतमंदों की संख्या करीब 10 हजार है। भूपतवाला से आए दिव्यांग सोनू बताते हैं कि उनको पता चला था कि उपकरण के लिए रजिस्ट्रेशन हो रहा है लेकिन यहां आने पर पता चला कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए ही है। ब्रह्मपुरी के राकेश ट्राई साइकिल की चाह रखकर शिविर में पहुंचे थे, लेकिन उम्र कम होने से उनको योजना का लाभ नहीं मिल सका। जितेंद्र और सविता बहादराबाद से आए थे, लेकिन उम्र कम होने से दोनों का निराश लौटना पड़ा।
खाली रही कुर्सियां
हरिद्वार। जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से शिविर की तमाम व्यवस्था पूरी की गई थी। बकायदा मंच भी सजाया गया था। सुबह से शाम तक चले कार्यक्रम में कोई भी अधिकारी मंच पर नहीं बैठा। कुछ बड़े जिला प्रशासन के अधिकारियों को बुलाया गया था, लेकिन कोई बड़ा अधिकारी नहीं आया। जिस वजह से मंच पूरे दिन खाली पड़ा रहा। जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपराज अग्निहोत्री भी जरूरतमंदों के साथ बैठे दिखाई दिए।