चमोली। बदरीनाथ हाईवे स्थित चमोली बाजार में पीने के पानी के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है। नगर के लिए सप्लाई हो रही पेयजल लाइन पर दूषित पानी सप्लाई हो रहा है। नगर में हैंडपंप और प्राकृतिक पेयजल स्रोत न होने के कारण लोगों के साथ ही बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर पहुंच रहे तीर्थयात्री दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
चमोली कस्बे की आबादी करीब आठ सौ है। यहां जल संस्थान की ओर से करीब चार किलोमीटर दूर खैनुरी गदेरे से पेयजल सप्लाई की जाती है, लेकिन इन दिनों रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण गदेरे से मिट्टी और रेत, बजरी भी नलों पर सप्लाई हो रही है। पेयजल योजना के स्रोत पर फिल्टर टैंक की व्यवस्था न होने से लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। चमोली के व्यापार संघ अध्यक्ष आनंद गोस्वामी, विश्व हिंदू परिषद के संयोजक पवन राठौर, राजकिशोर चौहान, संदीप वर्मा, कुलदीप सिंह, अनुराग वर्मा, दिगंबर सिंह, महिपाल सिंह और सुरेंद्र सिंह का कहना है कि जल संस्थान के अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद साफ पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। नलों पर सप्लाई हो रहे दूषित पानी से जल जनित रोग हो रहे हैं।
जल संस्थान, गोपेश्वर के ईई पीके सैनी का कहना है कि जल निगम की ओर से योजना के मूल स्रोत पर फिल्टर की व्यवस्था की जा रही है। पानी की स्वच्छता के लिए पेयजल टैंकों की सफाई की जा रही है।