श्रीनगर। छात्र संख्या कम होने के चलते लगातार बंद हो रहे प्राइमरी स्कूलों के लिए मॉडल बना है टिहरी जिले के कीर्तिनगर ब्लाक का प्राइमरी स्कूल उलाणा (सिल्काखाल)। यहां पांचवीं कक्षा के बच्चों को प्रवेश परीक्षाओं की कोचिंग मैथड से तैयारी कराई जाती है। और यही वजह है कि इस स्कूल के बच्चे विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में लगातार सफलता हासिल करते आ रहे हैं। पिछले सात वर्षों में प्राइमरी स्कूल उलाणा के 17 बच्चों का राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय और हिम ज्योति स्कूल में चयन हो चुका है। कोई भी प्रतियोगिता हो, यहां के बच्चे पात्र होने पर उसमें प्रतिभाग जरूर करते हैं।
स्कूल के बच्चों की प्रतिभा और प्रधानाध्यापक द्वारा इस दिशा में किए गए विशेष प्रयासों को देखते हुए प्रधानाध्यापक उत्तम सिंह राणा को इस वर्ष राज्यपाल पुरस्कार के लिए चुना गया है। राणा वर्ष 2003 से यहां तैनात हैं। वर्तमान में इस विद्यालय में 36 बच्चे अध्ययनरत हैं। राणा बच्चों के भविष्य को देखते हुए उन्हें प्रवेश परीक्षाओं की विशेष तैयारी करवाते हैं। वह बच्चों को कोचिंग मैथड से गणित पढ़ाते हैं। प्रश्नपत्र बनाकर बच्चों को प्रैक्टिस करवाई जाती है और हर सप्ताह टेस्ट लिया जाता है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री प्रीतम बर्त्वाल का कहना है कि राणा की मेहनत से स्कूल का नाम रोशन हो रहा है।
उपलब्धि
-वर्ष 2010 से अब तब 17 बच्चे नवोदय और हिम ज्योति विद्यालय में चयनित।
-2017 में विद्यालय के तीन बच्चों का ब्लॉक और जिले में मैथ्स विजार्ड में चयन। टॉप थ्री विद्यालय के खाते में। राज्य स्तर पर टॉप टेन में शामिल।
-2016-17 में राज्य स्तर पर मानचित्र निर्माण में प्रतिभाग।
विशेष प्रयास
-विद्यालयों में छात्रों की अनुपस्थिति के लिए बच्चों के फोन नंबर दीवार पर चस्पा। अनुपस्थित रहने पर अभिभावकों से संपर्क किया जाता है।
-नवोदय और सैनिक स्कूल में प्रवेश परीक्षा पैटर्न पर तैयारी।
-स्थानीय लोगों के सहयोग से पानी का टैंक, डायनिंग टेबल, लाउडस्पीकर और बैंच की व्यवस्था।