गौचर। आशाओं को न्यूनतम 18 हजार रुपये मानदेय की मांग की है। आशा कार्यकत्री संगठन की बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आशाएं आंदोलन करने के लिए विवश होंगी।
रविवार को नगर मुख्यालय में हुई बैठक में आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत वर्ष 2005 से आशाएं अपनी सेवाएं ग्रामीण क्षेत्रों में दे रही हैं। प्रसवकाल में 25 से 30 किमी दूर से गर्भवतियों को अस्पताल पहुंचाती है। तीन-चार दिन तक प्रसूताओं के साथ रहकर जच्चा-बच्चा की देखभाल करती हैं। बावजूद इसके उन्हें प्रोत्साहन के रूप में सिर्फ 600 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। कार्य के दौरान दुर्घटना होने पर किसी तरह की बीमा सुविधा तक उन्हें उपलब्ध नहीं है।
आशा कार्यकर्ताओं ने उनका बीमा करने, 18 हजार प्रतिमाह मानदेय देने, जनपद में मदर एनजीओ (संबधित स्वयं सहायता समूह) से हटाने की मांग का ज्ञापन सीएम के नाम भेजा है। ज्ञापन में कहा गया कि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। बैठक में संगठन की जिलाध्यक्ष सुनीता राणा, कोषाध्यक्ष पवित्रा बिष्ट, उपाध्यक्ष प्रमिला बिष्ट, सचिव मुन्नी देवी, महामंत्री संजू देवी, नीमा, मुन्नी, देवेश्वरी, मीना, उर्मिला, शांति, ऊषा, कुसुम, गंगी देवी, नंदी, लक्ष्मी, आशा देवी आदि मौजूद थे।