श्रीनगर। एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी परिषद) उत्तराखंड के छात्र-छात्राओं का एक समूह स्थायी कैंपस की मांग के लिए रविवार को प्रशासनिक भवन के समक्ष धरने में बैठ गया। उन्होंने मांग पूरी न होने तक कक्षाओं का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। छात्रों ने आंदोलन के संबंध में एनआईटी प्रशासन और छात्र परिषद को कोई सूचना नहीं दी थी।
एनआईटी उत्तराखंड में लगभग 1035 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। रविवार सुबह 9 बजे लगभग डेढ़ सौ छात्र-छात्राएं संस्थान के प्रशासनिक भवन के प्रांगण में एकत्रित हो गए। सूचना मिलने पर कुलसचिव कर्नल सुखपाल सिंह और अन्य अधिकारी, फैकल्टी भी मौके पर पहुंच गए। कुलसचिव ने छात्र परिषद और फैकल्टी को छात्रों से वार्ता करने को कहा। कुलसचिव सुखपाल सिंह ने बताया कि छात्रों को परिषद के माध्यम से अपना मांगपत्र देने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने कोई मांगपत्र नहीं दिया। इससे छात्रों की मांग भी स्पष्ट नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि यदि वे मांग पत्र देते तो कार्रवाई के लिए निदेशक और एमएचआरडी भेजा जाता।
वहीं, छात्र परिषद के उपाध्यक्ष सोमराज ने बताया कि छात्रों ने आंदोलन के संबंध में कोई नोटिस नहीं दिया। उन्होंने बताया कि बैनर से ही उन्हें पता चला है कि छात्र स्थायी परिसर की मांग कर रहे हैं।
अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
श्रीनगर। बिना नोटिस आंदोलन करने पर एनआईटी प्रशासन ने सख्त कदम उठाने के लिए संकेत दिए हैं। संस्थान के कुलसचिव कर्नल सुखपाल सिंह ने बताया कि छात्रों की जो भी मांगें हैं, उनको सूचित करना चाहिए था। शनिवार को उन्हें आंदोलन की भनक लगी थी, लेकिन यह पता नहीं था कि आंदोलन कब और कहां होगा? शनिवार को वह रात 12 बजे तक परिसर में यह जानने की कोशिश करते रहे कि छात्र क्या चाहते हैं? रविवार को धरना देने के बाद उन्होंने मांगों की जानकारी मांगी, लेकिन छात्र बात ही नहीं करना चाहते हैं। छात्र अवैधानिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, इसलिए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि श्रीनगर में अस्थायी कैंपस है। यहां समस्या सिर्फ छात्रों को ही नहीं अधिकारियों और फैकल्टी को भी है, लेकिन इसके लिए उचित तरीका होना चाहिए।
छात्रों को खिलाए केले
श्रीनगर। एक ओर संस्थान छात्रों के आंदोलन को अवैधानिक बता रहा है। वहीं, धरने में बैठे छात्रों को संस्थान की ओर से मिनरल वाटर की बोतल, केले और ग्लूकोज दिया जा रहा है।
यह है मामला
श्रीनगर। वर्ष 2009 में स्वीकृत एनआईटी उत्तराखंड का अस्थायी कैंपस वर्तमान में श्रीनगर स्थित आईटीआई/पॉलीटेक्निक के परिसंपत्ति में संचालित हो रहा है। स्थायी कैंपस के लिए श्रीनगर से 16 किलोमीटर दूर सुमाड़ी में भूमि चयनित की गई है, लेकिन निर्माण लागत अधिक और भूमि सुरक्षित न होने का हवाला देते हुए काम अटका हुआ है। संस्थान में अध्ययनरत छात्रों के लिए छात्रावास में पर्याप्त स्थान नहीं है। क्लास रूम की भी कमी है।