देवप्रयाग। राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर में आयोजित संस्कृत सप्ताह महोत्सव का विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद्र अग्रवाल ने शुभारंभ किया।
अग्रवाल ने कहा कि देव संस्कृति को बचाने के लिए सभी को एकजुट होना होगा। अन्यथा आने वाली पीढ़ी हमको क्षमा नहीं करेगी। उन्होंने कहा देवप्रयाग देवभूमि है। उत्तराखंड से गंगा यमुना की भांति संस्कृत की धारा प्रवाहित होनी चाहिए। संस्कृत भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रताप सिंह ने कहा कि कई भाषाएं जहां लुप्त हो चुकी हैं, वहीं संस्कृत प्राचीन काल से अपना वर्चस्व बनाए हुए है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने संस्थान की न्याय शास्त्रार्थ प्रकर्ष, ज्योतिष की दैवी व आधुनिक विषय की त्रिवेणी शोध पत्रिका का लोकार्पण किया। वहीं अध्यक्ष ने बताया कि 15 अगस्त को गैरसैंण में ध्वजारोहण करेंगे। कार्यक्रम में डा. आर मुरुगन, डा. वीरेंद्र सिंह, डा. प्रफुल्ल गड़पाल, डा. शैलेंद्र उनियाल, डा. शैलेंद्र कोटियाल ने स्वास्तिवाचन और स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष शुभांगी कोटियाल, भाजपा ऋषिकेश मंडल अध्यक्ष चेतन शर्मा, डा. अरविंद गौड़ और जेपी चंद आदि मौजूद थे। संचालन डा. मुकेश कुमार शर्मा ने किया।