श्रीनगर। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की सुस्त चाल से संयुक्त कनिष्ठ अभियंता चयन परीक्षा-2013 देने वाले अभ्यर्थी परेशान हैं। अभ्यर्थी 2 साल से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने नियुक्ति न हो पाने की समस्या को सरकार के समाधान पोर्टल में रखी, लेकिन वहां भी समाधान नहीं हो पाया। वहीं, विभागों में कनिष्ठ अभियंताओं (जेई) की कई पोस्ट खाली चल रहीे हैं।
दरअसल, आयोग ने 7 अप्रैल 2015 को विज्ञप्ति (संयुक्त कनिष्ठ अभियंता चयन परीक्षा-2013) जारी करते हुए लोनिवि, पंचायती राज एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, पेयजल और सिंचाई विभाग में कनिष्ठ अभियंता के 578 पदों भर भर्ती के लिए आवेदन मांगे। 6 से 8 नवंबर 2015 के मध्य चयन परीक्षा भी संपन्न हो गई। इस बीच 27 मई 2016 को लोनिवि में कनिष्ठ अभियंता (सिविल) के पद 249 से घटाकर 155 कर दिए गए।
लंबी इंतजारी के बाद आयोग ने 2 जून 2016 को चयन परीक्षा का रिजल्ट भी घोषित कर दिया, लेकिन इसके बाद फिर इंटरव्यू लटक गए। महीनों इंतजार के बाद 27 मार्च 2017 को एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग और 15 से 17 मई 2016 तक इलेक्ट्रिकल एवं मेकेनिकल अभियंताओं के पदों पर चयनित अभ्यर्थियों का इंटरव्यू हुआ, लेकिन सिविल ब्रांच के अभ्यर्थियों का अभी तक इंटरव्यू नहीं हो पाए। सिविल के 1040 अभ्यर्थी पिछले एक साल से इंटरव्यू की इंतजारी में लटके हुए हैं। अगर आयोग की यही रफ्तार रही, तो बेरोजगारों के भविष्य का फैसला जल्द होना मुश्किल है। सूरज रावत, विवेक पुरोहित, जितेंद्र रावत, प्रीतम, राजेश शाह, किरन कुमार रोहित प्रकाश सहित विभिन्न अभ्यर्थियों ने सरकार से शीघ्र संपूर्ण रिजल्ट जारी कर नियुक्ति देने की मांग की है।
................
हो सकता है कि कोर्ट में मामला हो। पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी। अगर कोई अड़चन न होगी, तो इंटरव्यू आयोजित कर रिजल्ट घोषित किया जाएगा। वंशीधर तिवाड़ी, सचिव लोक सेवा आयोग उत्तराखंड