जोशीमठ। क्षेत्र पंचायत जोशीमठ की त्रैमासिक बैठक में ग्राम प्रधानों ने सड़कों की वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया दो साल बाद भी पूरा न होने पर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस पर मुख्य विकास अधिकारी विनोद गोस्वामी ने नाराजगी जताई और सदन से उठकर चले गए। ग्राम प्रधानों ने अधिकारियों पर विकास कार्यों में लापरवाह रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
ब्लाक सभागार में ब्लॉक प्रमुख प्रकाश रावत की अध्यक्षता में क्षेत्र पंचायत की बैठक शुरू हुई। प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नेगी के नेतृत्व में ग्राम प्रधानों ने भेंटा-भर्की, लंगसी-द्विंमग तपोण, लंगसी-मोल्टा और पल्ला-जखोला मोटर मार्ग पर वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया की सुस्त रफ्तार पर नारेबाजी शुरू कर दी। सीडीओ विनोद गोस्वामी ने कहा कि ग्राम प्रधानों ने सीधे नारेबाजी की, जबकि भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया को लेकर जिलास्तर पर प्रति सप्ताह बैठकें होती हैं। प्रधान जिन सड़कों की भूमि हस्तांतरण की मांग कर रहे हैं, उन पर कार्रवाई चज रही है। कुछ समय बाद ब्लॉक प्रमुख के सामने ग्राम प्रधानों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं रखीं। बड़गिंडा के प्रधान हरीश परमार ने हेलंग-उर्गम मोटर पुल के समीप हो रहे अवैध खनन को रोकने की मांग उठाई। नीती गांव के प्रधान आशीष राणा ने नीती गांव से आगे चेक पोस्ट स्थापित करने, प्रधान संगठन ने पीएमजीएसवाई पोखरी के कार्यालय को पोखरी से हटाकर जिला मुख्यालय पर शिफ्ट करने की मांग की। सदन में उरेड़ा विभाग के अधिकारियों के न होने पर निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। इस मौके पर ग्राम प्रधान विक्रम सिंह, शिव प्रसाद, रणजीत बुटोला, बलवीर सिंह, धर्मेंद्र नेगी, सुनीता और हेमा आदि मौजूद थे।