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स्मार्ट गांव के रूप में विकसित होंगे धनोल्टी के दस गांव

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नई टिहरी। स्मार्ट सिटी की तर्ज पर केंद्र सरकार की स्मार्ट गांव बनाने की श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुरबन मिशन योजना के लिए पर्यटन के रूप में पहचान रखने वाले धनोल्टी से सटे 10 ग्राम पंचायतों का चयन हुआ है। कलस्टर आधारित इस योजना के लिए गढ़वाल से धनोल्टी और कुमाऊं से नैकुचियाताल को चुना गया है।
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केंद्र सरकार ने गांव का विकास शहरों की भांति करने के लिए रुरबन मिशन योजना शुरू की है। इसमें जिले के जौनपुर ब्लाक के धनोल्टी से लगे 10 ग्राम पंचायतों का चयन हुआ है। चयनित ग्राम पंचायतों में शहरी की तरह विकास योजनाएं बनाई जाएंगी। इसके लिए 70 फीसदी केंद्र सरकार और 30 प्रतिशत राज्य सरकार गांवों की जरूरत के आधार पर बजट देगी। धनोल्टी पर्यटन के रूप में खासी पहचान रखता है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते पर्यटन गतिविधियां केवल सड़क मार्ग तक ही सीमित हैं। बावजूद अब आसपास के गांवों का भी चयनित होने से प्रशासन सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा के साथ ही ग्रामीण पर्यटन विकास पर विशेष फोकस करने की तैयारी में है। इसके लिए ग्रामीणों के पैतृक घरों को आधुनिक कला से संवार कर उन्हें पर्यटकों के होमस्टे बनाने, वाकिंग, रॉकक्लाइमिंग, पारंपरिक व्यंजन को बढ़ावा देने आदि पर जोर दे रहा है ताकि धनोल्टी क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को गांवों ओर लाकर रोजगार सृजन कर पयालन को भी रोका जा सके।
इन ग्राम पंचायतों का हुआ चयन
धनोल्टी, डांडा की बेली, गोंठ, खनेरी, डांडा, दवाली, उनियालगांव, नौघर, फिडोगी, कालावन
ये होंगे मिशन के फायदे
ग्रामीण क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा, गांव में लघु उद्योगों की स्थापना, कौशल विकास प्रशिक्षण, पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने, कृषि प्रसंस्करण, कृषि सेवा, भंडारण, मोबाइल हेल्थ यूनिट, स्कूल, पानी, स्ट्रीट लाइट, गांवों के बीच संपर्क मार्ग, डिजिटल साक्षरता, ई-ग्राम कनेक्टिविटी के लिए सिटीजन सर्विस सेंटर आदि की सुविधा मिलेगी।
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क्या है रुरबन मिशन
केंद्र सरकार की कलस्टर आधारित इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए उन क्षेत्रों का चयन किया जाता है, जो भविष्य में शहरी आकार ले सकते हैं। साथ ही गांवों एवं शहर से सटे हुए हों। इन क्षेत्रों का केंद्र सरकार स्मार्ट गांव के रूप में विकसित कर शहरों की भांति सुविधाएं देगी।
इनका कहना है-
धनोल्टी क्षेत्र के दस गांव का चयन रुरबन मिशन के लिए हुआ है। अब स्मार्ट गांव के रूप में विकास होगा। सोमवार को अपर सचिव ग्राम्य विकास युगल किशोर पंत समेत अन्य अधिकारियों ने गांवों की जरूरतों के संबंध में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की जा चुकी है। पर्यटन को विकसित पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
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-आशीष भटगांई, मुख्य विकास अधिकारी टिहरी।
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