रुड़की।
आईआईटी रुड़की में मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार के ईशान विकास कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तर पूर्वी राज्यों के इंजीनियरिंग कर रहे छात्रों के इंटर्नशिप कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि एवं सीबीआरआई निदेशक डा. एन गोपालकृष्णन ने कहा कि उत्तर पूर्वी क्षेत्र का भारतीय विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने इंटर्नशिप के दौरान प्रतिभागियों को संस्थान की तकनीकियों को जानकार देश के विकास में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
संस्थान के सिविल विभाग में प्रो. अवलोकिता अग्रवाल ने कुलगीत के साथ कार्यक्रम की शुरूआत कराई। इस मौके पर उत्तर पूर्वी राज्यों से आए 14 इंजीनियरिंग छात्रों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीन प्रोफेसर एम परेरा ने छात्रों को संस्थान की नई तकनीकियों को सीखने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने उत्तर पूर्वी क्षेत्र में ब्रह्मपुत्र नदी के जलमार्गों का बेहतर उपयोग किए जाने की सराहना की। उन्होंने छात्रों से संस्थान की तकनीकियों को जानकर अपने क्षेत्र के नये शोध एवं तकनीक विकसित करने का आह्वान किया। इस मौके पर कार्यक्रम के स्थानीय समन्वयक डा. जीडी रनसिंहचुंग ने बताया कि यह कार्यक्रम 06 जुलाई तक चलेगा। जिसमें उत्तर पूर्वी राज्यों के 14 छात्र प्रतिभाग कर रहे हें। इंटर्नशिप के दौरान छात्रों में सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम डिजाइन किया गया है। इसमें छात्रों को नियमित क्लासेज, कंप्यूटेशनल मार्गदर्शन एवं शैक्षिक भ्रमण के अलावा नई तकनीकियों के गुर सिखाए जाएंगे। छात्रों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए योगा अधिवेशन, नियमित व्यायाम भी कराया जा रहा है। इस मौके पर प्रो. सीएसपी ओझा, प्रो. प्रवीण कुमार, प्रो. नागेंद्र सिंह, प्रो. वीसी श्रीवास्तव, प्रो. ब्रिजेश कुमार, डा. बी सिंह, डा. आरडी द्विवेदी आदि ने भी विचार रखे।