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पशुपालन बनेगा किसानों की आजीविका का मजबूत आधार-सीएम

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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पशुपालन किसानों की आजीविका का मजबूत आधार बनेगा। उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां पर जल्द ही राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के तहत लिंग वर्गीकृत वीर्य (सेक्स सॉर्टेड सीमन) का उत्पादन शुरू किया जा रहा है। इससे पशुओं के जीवन में भी सुधार आने के साथ ही पशुपालकों की आमदनी बढ़ेगी।
शनिवार को पशुपालन विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में लिंग वर्गीकृत वीर्य उत्पादन के लिए उत्तराखंड लाइव स्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड (यूएलडीबी) और संयुक्त राष्ट्र अमेरिका की इग्नुरान सेक्सिंग टेक्नोलॉजी एलएलपी के बीच अनुबंध (एमओयू) हस्ताक्षरित किया गया। इसमें यूएलडीबी की ओर से डॉ. एमएस नयाल और एलएलपी से डॉ. प्रकाश क्लेरिकल ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर सीएम ने कहा कि सेक्स सॉर्टेड सीमन पर चर्चा हुई तो विभागीय अधिकारियों को भी इस पर विश्वास नहीं होता था, लेकिन आज उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जो इस सीमन को तैयार करेगा। ऋषिकेश के श्यामपुर स्थित प्रयोगशाला में जल्द ही इसका उत्पादन शुरू होगा। इससे उत्तराखंड के साथ अन्य राज्यों को भी सीमन की आपूर्ति की जाएगी। मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग की ‘सुरभि कामधुक’ स्मारिका का विमोचन भी किया।
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पशुपालन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्य ने कहा कि इस ऋषिकेश के श्यामपुर स्थित अतिहिमीकृत वीर्य उत्पादन केंद्र में 47 करोड़ की लागत से इस प्रयोगशाला को बनाया जाएगा। इस केंद्र से 15 राज्यों को सीमन सप्लाई किया जाता है। उन्होंने कहा कि सेक्स सॉर्टेड सीमन के बारे में किसानों को अधिक से अधिक जानकारी देना जरूरी है। राज्य के पशुपालकों को अभी तक सीमन एक हजार रुपये तक उपलब्ध होता है। राज्य में ही इसका उत्पादन होने से इसकी कीमत को कम 400 से 600 रुपये तक करने का प्रयास किया जाएगा। इस मौके पर सहकारिता एवं उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, विधायक विनोद चमोली, सचिव पशुपालन आर मीनाक्षी सुंदरम, निदेशक पशुपालन डॉ. केके जोशी, डॉ. शैलेंद्र वशिष्ठ आदि मौजूद थे।
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यह है परियोजना
केंद्र सरकार द्वारा नेशनल मिशन ऑन बोवाइन प्रोडक्टिविटी के तहत इस परियोजना को शुरू किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य नर पशुओं की संख्या नियंत्रित कर मादा पशुओं की संख्या में वृद्धि करना है। ताकि दुग्ध उत्पादन बढ़ाया जा सके और देसी उच्च नस्ल के पशुओं का संरक्षण व संवर्धन किया जा सके। परियोजना में केंद्र सरकार ने देश के 10 अग्रणी हिमीकृत वीर्य उत्पादन संस्थानों का चयन किया गया। इसमें अति हिमीकृत वीर्य उत्पादन केंद्र श्यामपुर भी शामिल है। पहले वर्ष दो लाख सीमन की डोज का उत्पादन किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र अमेरिका की कंपनी इन्गुरान एलएलसी सेक्सिंग टेक्नोलॉजी विश्व की एकमात्र ऐसी कंपनी है, जिसे सेक्स सॉर्टिंग ऑफ सीमन के काम में दक्षता हासिल है।
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