रुद्रप्रयाग। क्रौंच पर्वत पर स्थित कार्तिक स्वामी मंदिर में चल रहे अनुष्ठान के तहत बुधवार को 101 कलश के साथ जल कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान क्षेत्र शिव-पार्वती व कार्तिक स्वामी के जयकारों के साथ गूंज उठा।
कार्तिक स्वामी मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आठवें दिन भव्य जल कलश यात्रा का आयोजन किया गया। मंदिर से करीब एक किमी दूर दुर्गम पहाड़ी पर स्थित छोटे से जल कुंड से सभी कलश में पानी भरा गया। इसके बाद 11 बजे 101 जल कलश के साथ यात्रा शुरू हुई। एक बजे कलश यात्रा भक्तों के जयकारों के बीच मंदिर परिसर पहुंची और भगवान कार्तिक स्वामी का अभिषेक किया गया। इसके बाद कथा में कथावाचक आचार्य बासुदेव प्रसाद थपलियाल ने कहा कि भगवान के 24 अवतारों में से कृष्ण अवतार सर्वश्रेष्ठ है। भगवत की भक्ति से सभी पाप दूर हो जाते हैं और सुख, समृद्धि एवं वैभवता लौटती है। इस मौके पर पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, एसपी रुद्रप्रयाग पीएन मीणा, एसपी चमोली तृप्ति भट्ट, मंदिर समिति प्रबंधक पूर्ण सिंह नेगी, अध्यक्ष शत्रुघन सिंह नेगी, छोटिया सिंह, विक्रम नेगी, चंद्र सिंह नेगी, प्रवक्ता लक्ष्मण सिंह नेगी समेत भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।