प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत 13 हजार 445 दैनिक वेतन, कार्य प्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक तथा तदर्थ रूप से नियुक्त कर्मचारियों का विनियमितीकरण किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा में हुई मंत्रिमंडल उप समिति की बैठक में दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में कहा गया कि यह भी पता किया जाएगा किन कारणों से कर्मचारियों के विनियमितीकरण में देरी हुई। इसमें दोषी अफसरों को दंडित किया जाएगा। विभिन्न विभागों में ऐसे 21 हजार 445 कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें आठ हजार का विनियमितीकरण हो चुका है और बाकी का होना है।
बैठक में कहा गया कि विनियमितीकरण नियमावली 2013 प्रख्यापित की गई थी, जिसमें कई कर्मचारियों का विनियमितीकरण छूट गया। नियमावली के उल्लंघन और अर्हता के बावजूद कर्मचारी के छूटने को उप समिति के अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह ने गंभीर विषय माना है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की योग्यता के अनुसार नियुक्ति दी जाए। इसके साथ ही सेवा अवधि को नजर अंदाज न किया जाए।